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क्या है फिल्म 'दुकान' का जादू? जानें जापान में मिली सरोगेसी पर आधारित इस फिल्म की सफलता की कहानी!

फिल्म 'दुकान' ने जापान के चौथे योकोहामा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में शानदार प्रीमियर किया, जहां इसे दर्शकों से स्टैंडिंग ओवेशन मिला। यह फिल्म सरोगेसी जैसे संवेदनशील विषय पर आधारित है और इसकी कहानी जैस्मीन नाम की महिला के इर्द-गिर्द घूमती है, जो निःसंतान जोड़ों के लिए 'उम्मीदों की दुकान' खोलती है। जानें इस फिल्म के निर्माताओं के अनुभव और इसके पीछे की भावनात्मक कहानी।
 

फिल्म 'दुकान' का प्रीमियर जापान में




मुंबई, 6 मई। हिंदी सिनेमा में सामाजिक मुद्दों को उजागर करने की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, कॉमेडी-ड्रामा फिल्म 'दुकान' ने दर्शकों से शानदार प्रतिक्रिया प्राप्त की है। यह फिल्म सरोगेसी जैसे संवेदनशील विषय पर आधारित है।


फिल्म का प्रीमियर जापान के प्रतिष्ठित 'चौथे योकोहामा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल' में हुआ। 2 मई को रेड कार्पेट इवेंट के साथ इसकी शुरुआत हुई, और 4 मई को 'बेट्टी एंड डेक थिएटर' में इसकी आधिकारिक स्क्रीनिंग आयोजित की गई। दर्शकों ने फिल्म को देखकर खड़े होकर सराहना की।


निर्माताओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, "जापानी दर्शकों का प्यार पाना हमारे लिए एक अविस्मरणीय अनुभव रहा। यह एक प्रतिष्ठित फेस्टिवल है और यहां आना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।"


फिल्म का निर्देशन सिद्धार्थ सिंह और गरिमा वाहल ने किया है। उन्होंने बताया कि सरोगेसी की कहानी उनके लिए क्यों महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, "एक लेखक के रूप में, हम अपनी स्क्रिप्ट को एक बच्चे की तरह पालते हैं, लेकिन अंत में उसे किसी और के हवाले करना पड़ता है। यही भावनात्मक जुड़ाव हमें 'दुकान' बनाने के लिए प्रेरित करता है।"


कहानी जैस्मीन (मोनिका पंवार) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो सरोगेसी के माध्यम से निःसंतान जोड़ों के लिए 'उम्मीदों की दुकान' खोलती है, लेकिन बाद में उसे भावनात्मक संघर्ष का सामना करना पड़ता है।


गुजरात की पृष्ठभूमि पर आधारित इस फिल्म में मोनिका पंवार, सिकंदर खेर, सोहम मजूमदार, और मोनाली ठाकुर मुख्य भूमिकाओं में हैं। अभिनेता व्रजेश हिरजी ने भी इसमें एक विशेष कैमियो किया है। फिल्म का निर्माण वेवबैंड प्रोडक्शंस और कलमकार पिक्चर प्रोडक्शंस के तहत ए. झुनझुनवाला और एस.के. अहलूवालिया ने किया है। अनिर्बान चटर्जी की सिनेमैटोग्राफी और श्रेयस पुराणिक का संगीत फिल्म की भावनाओं को और गहराई प्रदान करता है।


यह फिल्म न केवल मनोरंजन करती है, बल्कि सरोगेसी के उन पहलुओं को भी उजागर करती है जिन पर अक्सर चर्चा नहीं होती।