सोनू निगम का गुस्सा: कैसे बदल गया करियर का रास्ता?
सोनू निगम की प्रेरणादायक कहानी
मुंबई, 5 अगस्त। प्रसिद्ध गायक सोनू निगम के गाने हमेशा से ही सुरीले और भावनाओं से भरे होते हैं। यही वजह है कि वे आज भी अपने प्रशंसकों के दिलों में खास स्थान रखते हैं। सोनू ने स्वीकार किया कि एक समय ऐसा था जब वे गुस्से से भरे रहते थे, लेकिन बाद में उन्होंने उस गुस्से को अपने करियर की दिशा में मोड़ने का निर्णय लिया।
हाल ही में, सोनू ने 'गेम चेंजर्स: द म्यूजिक सीरीज' में ट्रेड एक्सपर्ट कोमल नाहटा के साथ बातचीत की। उन्होंने बताया कि बचपन में गुस्से की समस्याओं का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा, "मैंने सिडनी ओपेरा हाउस में तीन घंटे का शो किया और फिर शाम को फिर से तीन घंटे का प्रदर्शन किया। यह सब मैंने उस समय की आग और गुस्से के कारण किया। उस आग में करुणा और मेहनत भी शामिल थी।"
सोनू ने आगे कहा कि वे रोमांटिक स्वभाव के थे, लेकिन महत्वाकांक्षाओं ने उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अपने पिता की सलाह को याद करते हुए कहा, "मेरे पिताजी हमेशा कहते थे कि आपके पास दो विकल्प हैं: या तो अभी मजे लो और बाद में संघर्ष करो, या फिर अभी संघर्ष करो और बाद में आराम से जियो।"
उन्होंने बताया कि 18 साल की उम्र में उन्होंने कॉलेज जाने और लड़कियों के साथ घूमने के बजाय मेहनत का रास्ता चुना। "मैं सच में बहुत रोमांटिक था, लेकिन मैंने अपने पिता की बात को ध्यान में रखते हुए मेहनत करने का निर्णय लिया।" उन्होंने कहा कि अगर वे उस समय मुंबई नहीं आते, तो शायद उन्हें 29 साल की उम्र तक भी काम नहीं मिलता।
सोनू ने कहा, "मैं सही समय पर मुंबई आया और 21 साल की उम्र में 'सा रे गा मा' में भाग लिया। मैंने टेलीविजन की दुनिया में कदम रखा और उस लहर को पकड़ लिया।"