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सुतापा सिकदर ने जेन जी को दी महत्वपूर्ण सलाह: गालियों की आदत को बदलने की जरूरत

सुतापा सिकदर, दिवंगत अभिनेता इरफान खान की पत्नी, ने जेनरेशन Z को एक महत्वपूर्ण सलाह दी है। उन्होंने उनकी सोच की सराहना की, लेकिन गालियों के उपयोग पर चिंता जताई। सुतापा का मानना है कि युवा पीढ़ी को अपनी भाषा और सोच में बदलाव लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गालियों की आदत पुरानी पीढ़ियों से चली आ रही है और इसे बदलने की जरूरत है। जानें उनके विचार और सलाह के बारे में इस लेख में।
 

सुतापा सिकदर की बेबाक सलाह




मुंबई, 2 अगस्त। दिवंगत अभिनेता इरफान खान की पत्नी, सुतापा सिकदर, अपनी स्पष्ट राय और सामाजिक मुद्दों पर खुलकर बोलने के लिए जानी जाती हैं। हाल ही में, उन्होंने जेनरेशन Z के लिए एक विशेष पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने उनकी सोच और साहस की सराहना की, लेकिन साथ ही भाषा के उपयोग पर एक महत्वपूर्ण सलाह भी दी।


सुतापा ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक पोस्ट में जेन जी को दोस्ताना तरीके से सलाह दी। उन्होंने कहा कि वह युवा पीढ़ी के साहस का समर्थन करती हैं, जो गलत चीजों के खिलाफ अपनी आवाज उठाती है। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि गालियों की आदत अब भी पुरानी पीढ़ियों की तरह बनी हुई है।


अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा, ''यह दोनों जेंडर के लिए है। मैं विरोध का समर्थन करती हूं और इस निडर पीढ़ी से प्यार करती हूं। लेकिन एक चीज जो पुरानी पीढ़ियों से लेकर अब तक नहीं बदली है, वह है गालियां देने का तरीका।''


सुतापा ने आगे कहा, ''हिंदी में आज भी महिलाओं के निजी अंगों को लेकर अपशब्दों का इस्तेमाल किया जाता है। मुझे निराशा है कि नई पीढ़ी भी इस पुरानी सोच को नहीं बदल पाई है। अगर युवा पीढ़ी बदलाव की बात करती है, तो उन्हें अपनी भाषा और सोच में भी बदलाव लाना चाहिए। मुझे विश्वास है कि यह पीढ़ी अधिक कल्पनाशील होगी और पितृसत्तात्मक सोच से आगे बढ़ेगी।''


उन्होंने जेन जी को सलाह दी कि ''बदलाव की शुरुआत हर स्तर पर होनी चाहिए। अगर युवा किसी गलत परंपरा या सोच को खत्म करना चाहते हैं, तो उन्हें हर ऐसी आदत पर सवाल उठाना चाहिए, जो समाज में समस्या पैदा करती है। केवल कुछ मुद्दों को चुनकर बदलाव की बात करना पर्याप्त नहीं है।''


सुतापा ने अपनी पोस्ट के अंत में कहा, ''जब आप आजादी और बदलाव की बात करते हैं, तो हर गलत सोच और आदत को खत्म करने की कोशिश करें। दुख की बात है कि यही आदतें अगली पीढ़ी तक भी पहुंच रही हैं।''


उन्होंने जेन जी से कहा, ''किसी को गाली देने के लिए महिलाओं को निशाना बनाना गलत है। भाषा के उपयोग में सावधानी बरतनी चाहिए। पुरानी गालियों को छोड़कर कुछ नया सोचिए।''