सिमी ग्रेवाल की लव स्टोरी: जामनगर के महाराजा से शुरू हुआ प्यार
सिमी ग्रेवाल का प्यार और करियर
मुंबई, 16 अक्टूबर। सिमी ग्रेवाल, जो 'कर्ज' और 'मेरा नाम जोकर' जैसी फिल्मों में अपनी बेहतरीन अदाकारी के लिए जानी जाती हैं, की लव लाइफ भी काफी दिलचस्प रही है। उन्होंने एक इंटरव्यू में साझा किया कि जब वह केवल 17 वर्ष की थीं, तब उनका दिल जामनगर के महाराजा पर आया था। यह रिश्ता लगभग तीन साल तक चला, जिसमें उन्होंने कई खूबसूरत यादें बनाई।
सिमी का जन्म 17 अक्टूबर 1947 को लुधियाना, पंजाब में हुआ। उनका असली नाम सिमरिता ग्रेवाल है। उनके पिता भारतीय सेना में ब्रिगेडियर थे। सिमी ने अपनी शिक्षा इंग्लैंड में प्राप्त की, जहां उन्हें फिल्मों में काम करने का अवसर मिला। उन्होंने युवा अवस्था में ही अभिनय की दुनिया में कदम रखा और धीरे-धीरे हिंदी सिनेमा में अपनी पहचान बनाई।
सिमी ने अपने करियर की शुरुआत 1960 के दशक में की। उन्होंने 'जोहर मेहमूद इन गोवा' जैसी फिल्मों में काम किया और 'दो बदन' तथा 'साथी' जैसी फिल्मों से पहचान बनाई। राज कपूर की 'मेरा नाम जोकर' में उनका काम उनके करियर का एक महत्वपूर्ण मोड़ था। इसके अलावा, उन्होंने सत्यजीत रे की 'अरण्येर दिनरात्रि' में भी अभिनय किया।
सिमी ने अपने पहले प्यार के बारे में बताया कि महाराजा शत्रुसाल्य सिंहजी ने उन्हें जानवरों, खेल और खाने की एक नई दुनिया से परिचित कराया। उन्होंने कहा, "हमारे बीच का रिश्ता गहरा हो गया था, लेकिन समय के साथ पोजेसिवनेस ने इसे टॉक्सिक बना दिया।"
1970 में, सिमी ने दिल्ली के एक कारोबारी परिवार के रवि मोहन से विवाह किया, लेकिन यह शादी लंबे समय तक नहीं चल सकी। उन्होंने कहा कि वे एक-दूसरे के लिए सही साथी नहीं थे और यह एक लॉन्ग डिसटेंस मैरेज थी।
सिमी ने फिल्मों के बाद टीवी में भी अपनी पहचान बनाई। उनका शो 'रेन्जेव्यू विद सिमी ग्रेवाल' बहुत लोकप्रिय हुआ, जिसमें उन्होंने कई मशहूर हस्तियों से बातचीत की।
सिमी को उनके काम के लिए कई पुरस्कार मिले हैं, जैसे कि 'दो बदन' के लिए 1967 में और 'साथी' के लिए 1969 में फिल्मफेयर का बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस अवॉर्ड। 2010 में उन्हें इंडियन टेलीविजन एकेडमी का माइलस्टोन अचीवमेंट अवॉर्ड मिला और 2015 में लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।