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सिंटा विवाद: उपासना सिंह ने वरिष्ठ कलाकारों पर लगाए गंभीर आरोप, नगमा ने दी प्रतिक्रिया

सिंटा में चल रहे विवाद ने एक नया मोड़ लिया है जब उपासना सिंह ने वरिष्ठ कलाकारों के साथ दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए। नगमा ने भी संगठन के संचालन पर अपनी नाराजगी व्यक्त की है। इस विवाद में कई वरिष्ठ कलाकारों की प्रतिष्ठा दांव पर है। जानें इस मामले में क्या कहा गया है और आगे क्या हो सकता है।
 

सिंटा में बढ़ता विवाद




मुंबई, 2 अक्टूबर। सिने एंड टेलीविजन आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (सिंटा) में विवाद गहराता जा रहा है। इस संगठन की आंतरिक समस्याओं के बीच, पूर्व पदाधिकारी उपासना सिंह ने वरिष्ठ कलाकारों के साथ दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही, नई एग्जीक्यूटिव कमेटी की सदस्य नगमा ने संगठन के संचालन और नेतृत्व पर अपनी नाराजगी व्यक्त की है।


उपासना सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा, "सिंटा की बैठकों में कई वरिष्ठ कलाकारों को अपमानित होना पड़ा। मुकेश ऋषि, दीपक पाराशर और विकास वर्मा को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। मुकेश ऋषि जब मुंबई के ट्रैफिक के कारण देर से पहुंचे, तो उन्हें वोट देने से रोक दिया गया, जिससे वह बेहद नाराज हो गए। उन्होंने एजीएफ के दौरान माइक पर अपना गुस्सा जाहिर किया।"


उन्होंने कहा, "मेरे साथ इतनी बदसलूकी हुई है, आप लोग मेरे साथ ऐसा कैसे कर सकते हैं?"


उपासना ने दीपक पाराशर से जुड़ी एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्हें अंदर नहीं आने दिया गया, जिससे वह काफी आहत हुए।


उपासना ने दीपक पाराशर की सराहना करते हुए कहा कि वह हमेशा अन्य सदस्यों के लिए खाना बनाते थे और उन्हें सम्मान मिलना चाहिए।


इसके अलावा, उपासना ने पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे पर आरोप लगाया कि वे खुद को स्टार मानते हुए अन्य सदस्यों से दूरी बनाकर रखते थे। उन्होंने कहा कि एक कर्मचारी विकास वर्मा को केवल इसलिए नीचा दिखाया गया क्योंकि वह अंग्रेजी नहीं बोलते।


इस विवाद पर नगमा ने भी प्रतिक्रिया दी, उन्होंने कहा कि नई एग्जीक्यूटिव कमेटी के सदस्य किसी के इशारे पर काम नहीं कर रहे हैं। नगमा ने कहा, "हमारे पास अपनी सोच है और हमें अपमानित नहीं किया जाना चाहिए।"


उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका सिंटा में आना किसी व्यक्तिगत लड़ाई का हिस्सा नहीं है, बल्कि जरूरतमंद कलाकारों के लिए संगठन को बेहतर बनाने का प्रयास है।


गौरतलब है कि सिंटा का विवाद तब और बढ़ा जब आठ एग्जीक्यूटिव कमेटी सदस्यों ने इस्तीफा दिया, जिसमें मुकेश ऋषि, विकास वर्मा और दीपक पाराशर शामिल थे। इस्तीफों के पीछे निर्णय लेने की प्रक्रिया और सदस्यों से सलाह न लेने के आरोप थे। हालांकि, पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे ने आरोपों को खारिज किया है।