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श्वेता तिवारी ने ऑनलाइन बदसलूकी के खिलाफ उठाई आवाज़

टीवी की मशहूर अभिनेत्री श्वेता तिवारी ने हाल ही में सोशल मीडिया पर महिलाओं के खिलाफ ऑनलाइन बदसलूकी के मुद्दे पर अपनी आवाज उठाई। उन्होंने ट्रोलर्स की मानसिकता और समाज के दोहरे मापदंडों पर सवाल उठाते हुए एक मराठी ट्रोलर का पर्दाफाश किया। तिवारी ने कहा कि यह बदसलूकी किसी भी उम्र या बैकग्राउंड तक सीमित नहीं है और यह जानकर दुख होता है कि ऐसे लोग अच्छे परिवारों से आते हैं। उन्होंने राज ठाकरे से भी सवाल किया कि क्या ऐसे व्यवहार को सही माना जा सकता है। जानें उनके विचार और अनुभव।
 

श्वेता तिवारी का सोशल मीडिया पर बयान

प्रसिद्ध टीवी अभिनेत्री श्वेता तिवारी ने हाल ही में सोशल मीडिया पर महिलाओं के प्रति होने वाली ऑनलाइन बदसलूकी और अभद्र भाषा के खिलाफ अपनी आवाज उठाई है। 45 वर्षीय अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम पर कई पोस्ट के माध्यम से ट्रोलर्स की मानसिकता और समाज के दोहरे मापदंडों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने एक मराठी ट्रोलर का पर्दाफाश करते हुए महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे से भी सवाल किए। इंस्टाग्राम पर साझा की गई पोस्ट्स में, तिवारी ने उन ट्रोलर्स की आलोचना की जो महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग करते हैं। उन्होंने कहा कि यह देखकर दुख होता है कि ऐसे लोग अच्छे परिवारों से आते हैं।


तिवारी का सवाल और ट्रोलर का पर्दाफाश

उन्होंने यह भी पूछा कि क्या ऐसा व्यवहार 'मराठी मानूस' (मराठी व्यक्ति) के सम्मान के अनुरूप है। तिवारी ने उस ट्रोलर की इंस्टाग्राम प्रोफ़ाइल का स्क्रीनशॉट साझा किया, जिसने उनके साथ बदसलूकी की थी। उन्होंने बताया कि वह व्यक्ति डॉक्टर है और उसकी प्रोफ़ाइल पर उसकी पत्नी और बच्चों की तस्वीरें हैं।


बदसलूकी का मुद्दा

तिवारी ने सोशल मीडिया पर महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक शब्दों के इस्तेमाल के बारे में बात करते हुए कहा कि यह बदसलूकी किसी खास उम्र, पेशे या बैकग्राउंड तक सीमित नहीं है। उन्होंने लिखा, "आज मैं एक ऐसी बात पर बात करना चाहती हूं जो बहुत चिंताजनक है और दुर्भाग्य से सोशल मीडिया पर बहुत आम है: किसी महिला को 'र****' (अपमानजनक शब्द) कहना।"


शिक्षित पुरुषों की मानसिकता

तिवारी ने कहा कि यह जानकर दुख होता है कि ऐसी भाषा का इस्तेमाल करने वाले कुछ लोग शिक्षित हैं और अच्छे परिवारों से आते हैं। उन्होंने कहा, "और मुझे हैरानी इस बात से होती है कि ये पुरुष ज़रूरी नहीं कि अनपढ़ हों।"


राज ठाकरे से सवाल

राज ठाकरे से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा, "अगर ऐसे लोग आपके समर्थक हैं, तो क्या आपको लगता है कि यह सही व्यवहार है?" तिवारी ने यह भी कहा कि मराठी होने की पहचान में महिलाओं का सम्मान भी शामिल होना चाहिए।


सोशल मीडिया पर बदसलूकी का अनुभव

तिवारी ने इंस्टाग्राम लाइव के दौरान खुद को और अन्य कंटेस्टेंट्स को झेलनी पड़ी बदसलूकी के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि कुछ ऑनलाइन कमेंट्स में उनके बच्चों को निशाना बनाया गया था।