शान: केबल कनेक्शन बेचने से लेकर सुपरस्टार सिंगर बनने तक की यात्रा
शान की अनकही कहानी
मुंबई, 29 सितंबर। जब भी शान की आवाज सुनाई देती है, तो 'तन्हा दिल', 'मुसु मुसु हासी', 'चांद सिफारिश', 'जब से तेरे नैना' और 'वो लड़की है कहां' जैसे गाने याद आ जाते हैं। शान ने एक बार कहा था कि वह म्यूजिक करियर को लेकर कभी गंभीर नहीं थे। पहले वह बच्चों को ट्यूशन पढ़ाते थे, घर-घर जाकर केबल टीवी कनेक्शन बेचते थे और बांद्रा में एक बुटीक में काम करते थे। धीरे-धीरे उन्होंने इंडस्ट्री में 'शान' के नाम से पहचान बनाई।
शान का जन्म 30 सितंबर 1972 को हुआ, और उनका असली नाम शांतनु मुखर्जी है। वह एक संगीत परिवार में पले-बढ़े, जहां उनके पिता मानस मुखर्जी एक म्यूजिक डायरेक्टर थे। उनकी बहन सागरिका भी गायिका बनीं। हालांकि, शान ने कभी सिंगर बनने का सपना नहीं देखा था, क्योंकि उन्होंने अपने पिता के संघर्ष को देखा था। पिता के निधन के बाद घर की जिम्मेदारी उन पर आ गई।
शान का संगीत से जुड़ाव बचपन में ही शुरू हो गया था। उन्होंने केवल पांच साल की उम्र में अपना पहला गाना रिकॉर्ड किया था। इसके बाद उन्होंने कई जिंगल्स और बच्चों के गाने रिकॉर्ड किए।
बड़े होने पर, शान ने पढ़ाई के साथ-साथ छोटे-मोटे काम किए। वह बच्चों को ट्यूशन देते थे और केबल टीवी कनेक्शन बेचते थे। इसके अलावा, उन्होंने बांद्रा की 'लुक्स' नाम की बुटीक में भी काम किया। उन्हें विश्वास नहीं था कि म्यूजिक के बल पर घर चलाना संभव होगा। इसी दौरान, वह अपनी बहन सागरिका के साथ लाइव शोज में जाने लगे। शुरुआत में सागरिका मुख्य गायिका थीं और शान उनके साथ गाते थे। धीरे-धीरे उनकी जोड़ी को पसंद किया जाने लगा।
शान ने 1989 में फिल्म 'परिंदा' से अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने रिमिक्स एल्बम और पॉप म्यूजिक की ओर कदम बढ़ाया। 1999 में उनके करियर को एक नया मोड़ मिला जब 'तन्हा दिल' और 'मुसु मुसु हासी' जैसे गाने हिट हुए। शान ने बताया कि 'तन्हा दिल' उनके लिए खास था, क्योंकि यह उनके अकेलेपन और बदलते जीवन की भावना से प्रेरित था।
इसके बाद, शान ने प्लेबैक सिंगिंग में अपनी पहचान बनाई। 'दिल चाहता है', 'कल हो ना हो', 'फना', 'सांवरिया', '3 इडियट्स' जैसी फिल्मों में उनकी आवाज सुनाई दी। 'चांद सिफारिश' के लिए उन्हें फिल्मफेयर और आईफा में बेस्ट प्लेबैक सिंगर का पुरस्कार मिला।
गायकी के साथ-साथ, शान ने टीवी पर भी अपनी पहचान बनाई। उन्होंने 'सा रे गा मा पा' जैसे सिंगिंग रियलिटी शो को होस्ट किया और बाद में जज भी बने।