लकी अली की प्रेम कहानी: तीन शादियों के बावजूद अधूरी रह गई उनकी तलाश
लकी अली का जादुई सफर
मुंबई, 19 सितंबर (वेब वार्ता)। सुरों के बादशाह लकी अली की जिंदगी संगीत की ऊंचाइयों के साथ-साथ व्यक्तिगत जीवन के कई उतार-चढ़ाव से भरी रही है। तीन विवाहों के बावजूद उनका दिल हमेशा अकेला रहा।
भारतीय संगीत उद्योग में अपनी अनोखी और जादुई आवाज से हर पीढ़ी को दीवाना बनाने वाले लकी अली का आज जन्मदिन है। अपनी पहली एल्बम ‘सुनो’ से देशभर में धूम मचाने वाले लकी अली की आवाज में ऐसा जादू है जो सीधे सुनने वाले के दिल में उतर जाता है। उन्होंने न केवल अपने गानों से बॉलीवुड को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया, बल्कि कई फिल्मों में अपनी अदाकारी का भी प्रदर्शन किया। हालांकि, पर्दे पर और गानों में सभी को खुश करने वाले लकी अली की व्यक्तिगत जिंदगी काफी कठिन और दर्दभरी रही है।
कॉमेडियन महमूद के बेटे का सफर
लकी अली का असली नाम मकसूद महमूद अली है। वह हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध कॉमेडियन महमूद के बेटे हैं। फिल्मी माहौल में पले-बढ़े होने के बावजूद लकी ने कभी भी अपने पिता के नाम का सहारा नहीं लिया। करियर की शुरुआत में उन्होंने खेती, कालीन बेचने और तेल के कुओं पर काम जैसे कई छोटे-बड़े काम किए। महमूद साहब चाहते थे कि उनका बेटा फिल्मों में बड़ा नाम कमाए, लेकिन लकी अली का झुकाव हमेशा संगीत की ओर रहा।
पिता-पुत्र का खास रिश्ता
महमूद साहब और लकी अली के बीच एक खास तरह की दूरी और प्यार दोनों मौजूद थे। एक बार एक फिल्म की शूटिंग के दौरान जब महमूद साहब ने लकी के गिटार बजाने और गाने के अंदाज को देखा, तो वह बेहद भावुक हो गए। महबूब स्टूडियो में अपने बेटे के टैलेंट को देखकर उनकी आंखों में आंसू आ गए थे। लकी ने हमेशा अपने पिता के नाम से अलग अपनी खुद की पहचान बनाने को प्राथमिकता दी।
तीन शादियों का सफर
लकी अली का करियर जितना सफल रहा, उनकी व्यक्तिगत जिंदगी उतनी ही उलझनों से भरी रही। उन्होंने तीन बार विवाह किया। उनकी पहली पत्नी न्यूजीलैंड की मेघन जेन मैक्लेरी थीं, दूसरी पत्नी अनाहिता और तीसरी पत्नी ब्रिटिश मॉडल केट एलिजाबेथ हॉल थीं। इन तीनों शादियों से उनके बच्चे भी हैं, लेकिन समय के साथ उनकी तीनों शादियां अलग-अलग मोड़ों पर समाप्त हो गईं।
ऋतिक रोशन की फिल्म में लकी का जादू
ऋतिक रोशन की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘कहो ना प्यार है’ में लकी अली के गानों ने सफलता के नए आयाम छुए। फिल्म में उनके गाए दो गानों ‘एक पल का जीना’ और ‘ना तुम जानो ना हम’ ने देश ही नहीं, बल्कि विदेश में भी भारी धूम मचाई थी।
इन गानों के बिना आज भी 90 के दशक की म्यूजिक लिस्ट अधूरी मानी जाती है। इसके अलावा, साल 2010 में आई फिल्म ‘अंजाना अंजानी’ का सुपरहिट गाना ‘हैरत’ भी लकी अली की जादुई आवाज का ही परिणाम था।