राज कुंद्रा ने फिर से खोला विवादास्पद मामला, क्या है उनकी बेगुनाही का सच?
राज कुंद्रा का नया बयान
फिल्म निर्माता और बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति, राज कुंद्रा, एक बार फिर अपने विवादास्पद बयानों के कारण सुर्खियों में हैं। 2021 में उन पर मोबाइल ऐप्स के माध्यम से अश्लील सामग्री फैलाने का आरोप लगा था, जिसने काफी हंगामा खड़ा किया और उन्हें जेल भी जाना पड़ा। अब उन्होंने इस मामले पर अपनी राय साझा की है।
**राज कुंद्रा का बयान**
हाल ही में, राज कुंद्रा ने आरोपों पर चर्चा करते हुए कहा कि यदि उन्हें दोषी ठहराया जाता है, तो वे परिणामों का सामना करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अकेले ऐसे व्यक्ति हैं जो लगातार कह रहे हैं, "अगर मैंने कुछ गलत किया है, तो मुझे सजा दी जाए और इस मामले को समाप्त किया जाए।"
**राज ने क्या कहा?**
राज ने आगे कहा कि यदि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है, तो उन्हें निर्दोष साबित किया जाना चाहिए, और वे अपने बेगुनाही के प्रति आश्वस्त हैं। उन्होंने बताया कि वे पिछले पांच वर्षों से इस मामले से लड़ रहे हैं और यदि दोषी पाए गए, तो अपनी जान देने के लिए भी तैयार हैं।
**सभी बिज़नेस बंद करना**
राज ने उस कठिन समय को याद करते हुए बताया कि गिरफ्तारी के बाद उन्होंने अपने सभी व्यवसाय बंद कर दिए थे। उन्होंने कहा कि उस समय उन्होंने और शिल्पा ने मिलकर सब कुछ बंद करने का निर्णय लिया। उनके निवेश विभिन्न क्षेत्रों में फैले हुए थे, जिनमें राजस्थान रॉयल्स, मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स, एक होम शॉपिंग सेंटर और वियान इंडस्ट्रीज़ शामिल थे।
**4,000 लोगों की आजीविका**
राज ने बताया कि लगभग 4,000 लोग इन वेंचर्स पर निर्भर थे, फिर भी उन्हें सब कुछ बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि उन्हें उस काम के लिए गिरफ्तार किया गया, जो उन्होंने कभी किया ही नहीं। भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में योगदान देने के बाद सब कुछ बंद करना उनके लिए बेहद दुखद था। जेल में बिताए समय को याद करते हुए राज ने कहा कि उन्हें केवल बयान देने के लिए बुलाया गया था, लेकिन उसी समय उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने कहा, "वे 63 दिन मेरी ज़िंदगी के सबसे डरावने दिन थे। उस समय मुझे नहीं पता था कि मैं अगली सुबह देख पाऊंगा या नहीं।" उन्होंने यह भी कहा, "मैं अपनी ज़िंदगी का कोई भी हिस्सा बदलना नहीं चाहूँगा; अगर मैंने वे 63 दिन न देखे होते, तो आज मैं जो राज कुंद्रा हूँ, वह न होता। मुझे यह भी नहीं पता चलता कि कौन मेरे सच्चे शुभचिंतक हैं और कौन नहीं।"