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रश्मि देसाई ने डिजिटल युग में बातचीत की चुनौतियों पर की चर्चा

रश्मि देसाई ने हाल ही में डिजिटल युग में संवाद की चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि आज के समय में हर शब्द रिकॉर्ड होता है और सोशल मीडिया पर तेजी से फैल सकता है, जिससे गलतफहमियां उत्पन्न हो सकती हैं। रश्मि का टॉक शो 'रश्मि के दिल से दिल तक' लोगों को खुलकर बात करने का मंच प्रदान करता है। जानें उनके विचार और शो के उद्देश्य के बारे में।
 

सोशल मीडिया के प्रभाव पर रश्मि देसाई की राय

मुंबई, 12 जनवरी। आज का युग पूरी तरह से डिजिटल हो चुका है, जहां अधिकांश कार्य ऑनलाइन हो रहे हैं और सोशल मीडिया हर किसी के जीवन का अभिन्न हिस्सा बन गया है। इस संदर्भ में, अभिनेत्री रश्मि देसाई ने कहा कि अब किसी भी बयान को हल्के में नहीं लिया जा सकता। हर शब्द रिकॉर्ड होता है और सोशल मीडिया पर तेजी से फैल सकता है, जिससे गलतफहमियां या विवाद उत्पन्न हो सकते हैं।

रश्मि ने एक बातचीत में बताया कि वर्तमान समय में संवाद करते समय सावधानी और जिम्मेदारी बरतना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा, "जब हर चीज रिकॉर्ड हो रही हो और कैमरे हर पल की गतिविधियों को कैद कर रहे हों, तो खुलकर बात करना बहुत कठिन हो जाता है।"

टॉक शो 'रश्मि के दिल से दिल तक' की मेज़बान ने कहा, "यह एक चुनौती है क्योंकि आप ऐसे व्यक्तियों से बात कर रहे होते हैं, जिन्होंने अपने जीवन में कई अनुभवों का सामना किया है। ऐसे में दूसरों के सामने खुलकर बात करना आसान नहीं होता, खासकर जब कैमरे चालू हों। एक बार बात बाहर आ गई तो वह जेरॉक्स की तरह फैल जाती है। लोग छोटी-छोटी क्लिप्स को उठाकर अपनी मर्जी से अर्थ निकाल लेते हैं। कभी-कभी एक बयान को लेकर पूरी बहस छिड़ जाती है और लोग अपनी-अपनी राय बनाने लगते हैं।"

रश्मि का मानना है कि आज के समय में सच्चाई और संवेदनशीलता के साथ संवाद करना सबसे बड़ी चुनौती है। उनका शो न केवल मनोरंजन प्रदान करेगा, बल्कि जीवन के कठिन क्षणों में हिम्मत और प्रेरणा भी देगा। सोशल मीडिया ने हर किसी को अपनी आवाज़ उठाने का मंच प्रदान किया है। आज की तकनीक और एआई के युग में, दुनिया के किसी भी कोने में बैठा व्यक्ति अपनी राय भारत तक पहुंचा सकता है। ऐसे माहौल में स्पष्ट संवाद करना अत्यंत आवश्यक हो जाता है।

रश्मि ने बताया कि उनका शो इसी उद्देश्य से बनाया गया है कि लोग दिल से खुलकर बात कर सकें। उन्होंने कहा, "हम मेहमानों को सहज महसूस कराना चाहते हैं। हम किसी के विचारों को नियंत्रित नहीं कर सकते, लेकिन हम उन्हें एक सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल प्रदान कर सकते हैं। जीवन में बदलाव निरंतर आते रहते हैं, और इन बदलावों को स्वीकार करने की सीख हमारे दर्शकों के लिए प्रेरणा बनेगी। हमारा शो इसी पर आधारित है, असली जीवन के अनुभव, भावनाएं और उनसे सीखना, ये सबकुछ शो में शामिल है।"