प्रियंका चोपड़ा ने मनाया दशहरा, बेटी मालती के साथ साझा की पारंपरिक पूजा की झलक
प्रियंका चोपड़ा का पारिवारिक दशहरा उत्सव
मुंबई, 21 अक्टूबर। ग्लोबल आइकन प्रियंका चोपड़ा जोनस और उनके पति निक जोनस ने इस साल दशहरा का पर्व पारंपरिक पूजा के साथ मनाया। प्रियंका ने अपनी बेटी मालती मैरी चोपड़ा जोनस के साथ इस खास अवसर की कुछ झलकियाँ साझा की।
प्रियंका ने इंस्टाग्राम पर पूजा की तस्वीरें साझा कीं, जिसमें उन्होंने कन्या पूजन किया। यह एक हिंदू परंपरा है जिसमें छोटी बच्चियों को देवी दुर्गा के रूप में पूजा जाता है। नन्ही मालती ने सफेद पारंपरिक कपड़े और 'जय माता दी' लिखा लाल दुपट्टा पहना हुआ था। नवरात्रि के दौरान प्रियंका और निक अपनी बेटी के पैर धोते हुए भी दिखाई दिए। तस्वीरों में निक अपनी बेटी के साथ पूजा में भाग लेते हुए पारिवारिक क्षणों का आनंद लेते नजर आए।
एक तस्वीर में निक पूजा के दौरान मालती के पास बैठे हैं, जबकि प्रियंका भी उनके साथ हैं। दूसरी तस्वीर में यह परिवार अपने घर के मंदिर के सामने नजर आ रहा है, जिसे फूलों और धार्मिक मूर्तियों से सजाया गया है।
इन तस्वीरों में मालती का पारंपरिक परिधान, छोटी-छोटी चूड़ियाँ और लाल धार्मिक दुपट्टा सभी का ध्यान आकर्षित कर रहा था। प्रियंका ने तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, "मां दुर्गा की शक्ति, हमारी प्रार्थनाओं की पवित्रता और दशहरे की भावना आज, कल और हमेशा हम सभी के साथ बनी रहे।"
प्रियंका हमेशा से ही अपनी बेटी मालती को भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता से जोड़ने का प्रयास करती रही हैं। इस साल अगस्त में, उन्होंने एक वीडियो साझा किया था जिसमें वह अपनी बेटी को दुर्गा सप्तशती का एक श्लोक सिखाते हुए नजर आई थीं। मालती अपनी मां के पीछे-पीछे संस्कृत प्रार्थना को दोहराने की कोशिश कर रही थीं।
गौरतलब है कि प्रियंका और निक ने जनवरी 2022 में सरोगेसी के जरिए मालती का स्वागत किया था। माता-पिता बनने का उनका सफर काफी चुनौतीपूर्ण रहा, क्योंकि मालती का जन्म समय से पहले हुआ था और उन्हें लगभग 110 दिन तक नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में रहना पड़ा था।
एक पुराने इंटरव्यू में प्रियंका ने इस कठिन अनुभव के बारे में बात की थी, जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे वह और निक बारी-बारी से अस्पताल में अपनी बेटी के पास रहते थे। प्रियंका ने यह भी बताया कि निक अपनी बेटी के लिए गिटार पर गाने गाते थे, जबकि वह खुद अपनी बेटी के पालने के पास धीरे-धीरे मंत्रों का जाप करती थीं, जिनमें महामृत्युंजय मंत्र, गायत्री मंत्र और ओम नमः शिवाय शामिल थे।