पूनम ढिल्लों ने साझा किए अपने संघर्ष और शादी के अनुभव, जानें क्या कहा!
पूनम ढिल्लों का जीवन और शादी पर विचार
मुंबई, 13 जून। राजीव खंडेलवाल के शो 'तुम हो ना' में पूनम ढिल्लों ने अपने जीवन के संघर्ष और परवरिश के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता काफी सख्त थे और उन्हें अपनी उम्र के दोस्तों से मिलने या डेटिंग की अनुमति नहीं थी। उनका मानना है कि सख्त परवरिश फायदेमंद होती है, लेकिन आज के माता-पिता को अपने बच्चों को निर्णय लेने और दुनिया को समझने का अवसर देना चाहिए।
राजीव ने पूनम से पूछा कि क्या सभी लड़कियों को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब कोई सार्वजनिक व्यक्ति सामने आता है, तो यह महत्वपूर्ण है कि लोग समझें कि वे भी सामान्य इंसान हैं और उनके सामने भी चुनौतियाँ होती हैं।
पूनम ने कहा, "जब आप एक सेलिब्रिटी होते हैं, तो आपको बहुत कम लोगों से मिलने का मौका मिलता है। लोग आपको एक खास नजरिए से देखते हैं, जिससे आपकी छवि बन जाती है।"
उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, "मेरे माता-पिता ने मुझे बहुत कम लोगों से मिलने दिया। एक्टिंग करियर शुरू करने के बाद भी, मुझे दोस्तों के साथ बाहर जाने की अनुमति नहीं थी।"
सख्त परवरिश पर बात करते हुए, पूनम ने कहा, "मैं मानती हूं कि सख्त परवरिश फायदेमंद होती है, लेकिन आज के माता-पिता को बच्चों को थोड़ा स्वतंत्रता देनी चाहिए। उन्हें नई चीजें सीखने का मौका मिलना चाहिए।"
पूनम ने कहा कि उनकी जिंदगी काम और घर तक ही सीमित थी।
अपने पूर्व पति अशोक के बारे में बात करते हुए, उन्होंने कहा, "अशोक एक अच्छे इंसान हैं, लेकिन यह जरूरी नहीं कि दो अच्छे लोग हमेशा अच्छे जीवनसाथी बनें।"
उन्होंने आगे कहा, "शादी केवल दो अच्छे लोगों के साथ नहीं चलती; इसके लिए परवरिश, सोच, शिक्षा और जीवन-मूल्य का मेल होना आवश्यक है।"
पूनम ने बताया कि उनकी शादी प्रेम विवाह थी और उन्होंने कहा, "मुझे जीवन का ज्यादा अनुभव नहीं था। अशोक ने मुझे मनाने में काफी समय लगाया। उस समय मुझे नहीं पता था कि आगे की जिंदगी कितनी चुनौतीपूर्ण होगी।"