पारितोष त्रिपाठी ने पिता की याद में भावुक पोस्ट साझा किया, क्या कहा उन्होंने?
पिता की याद में भावुक संदेश
मुंबई, 27 जुलाई। अभिनेता पारितोष त्रिपाठी ने अपने दिवंगत पिता, प्रोफेसर रामायण तिवारी को याद करते हुए एक भावुक पोस्ट साझा किया। उन्होंने अपने पिता के निधन को एक मेले में बिछड़े बच्चे की तरह बताया।
इंस्टाग्राम पर पारितोष ने अपने पिता की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, "पापा, आपको गए हुए नौ साल हो गए हैं। समय का पता ही नहीं चलता, और अब भी यह समझ नहीं आता कि आप हमारे बीच नहीं हैं। आपका इतनी जल्दी जाना जरूरी नहीं था। आपके साथ और भी बहुत कुछ देखना बाकी था। आज हर सुख-दुख में हम आपको बिना देखे महसूस करते हैं, और यह सहन करना बहुत कठिन है।"
उन्होंने उस दिन को याद किया जब उन्हें अपने पिता के निधन की खबर मिली थी। पारितोष ने लिखा, "हर किसी को उस कॉल का सामना करना पड़ता है, जो एक दिन सबके हिस्से में आती है। जुलाई 2017 में एक कॉल आई, और उस कॉल की चुप्पी, किसी के रोने की आवाज, सब कुछ भूतकाल में बदल गया। पिता का ना होना वैसा ही है जैसे मेले में बच्चे का हाथ छूट जाना।"
उन्होंने आगे कहा, "हर साल यादों का बोझ बढ़ता जाता है, और हाथ ओझल होता जाता है। समय के साथ, आपके बेटे का हाथ मजबूत हो रहा है, लेकिन अंदर से वह जोर-जोर से रो रहा है ताकि उसकी आवाज आपको पहुंच सके। आपको तो पता होगा, फिर भी मैं लिखकर बता रहा हूं। मेरी बेटी मीशा बोलने लगी है, और जब वह रोती है, तो मुझे आपकी याद आती है।"
पारितोष ने यह भी कहा कि वह अपनी बेटी को अपने पिता के बारे में बताएंगे, जो अंग्रेजी के विद्वान और संस्कृत के पंडित थे। उन्होंने लिखा, "काश मीशा को उसके बाबा पहले अक्षर सिखाते। मुझे एहसास है कि आप हमारे पास हैं, और आज जो भी हूं, वह आपके कारण है। यात्रा जारी है, अभिनय की यात्रा और जीवन की यात्रा भी।"