नाना पाटेकर के निधन पर केदार जाधव का भावुक बयान: 'यह फिल्म उद्योग के लिए एक बड़ी क्षति'
केदार जाधव ने नाना पाटेकर के निधन पर जताया शोक
मुंबई, 8 अक्टूबर। पूर्व भारतीय क्रिकेटर केदार जाधव ने बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने इसे फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी हानि बताया।
जाधव ने मीडिया से बातचीत में कहा, "यह बहुत दुखद है। मैं 15 दिन पहले गणेश उत्सव के दौरान उनके फार्म हाउस पर उनसे मिला था। मुझे नहीं पता था कि यह हमारी पहली और आखिरी मुलाकात होगी। वह एक अद्भुत कलाकार और इंसान थे।"
उन्होंने आगे कहा, "मैंने उनकी फिल्मों को बचपन से देखा है और उनके अभिनय की प्रशंसा की है। उन्होंने अपने अभिनय के माध्यम से बहुत सारे प्रशंसक बनाए हैं। जब मैं उनसे मिला, तो वह बिल्कुल वैसे ही थे जैसे पर्दे पर दिखाई देते थे। वह एक महान कलाकार थे, और मैं यह एक फैन के रूप में कह रहा हूं।"
जाधव ने बताया कि नाना पाटेकर अक्सर पुणे में रहते थे। उन्होंने कहा, "पिछले कुछ महीनों में मैंने उनके कई कॉमेडी सीन देखे। मुझे लगा कि मैं भी पुणे से हूं, इसलिए मुझे उनसे मिलना चाहिए। मैंने उनका नंबर लिया और उन्हें मैसेज किया। आधे घंटे के भीतर उन्होंने मुझे कॉल किया और अगले दिन मिलने के लिए बुलाया। मैं 24 सितंबर को उनसे मिला था।"
उन्होंने कहा, "हम सभी सोचते हैं कि हमारे पास बहुत समय है, लेकिन कब क्या हो जाए, यह कोई नहीं जानता। आज सुबह जब मैं पुणे से मुंबई के लिए निकला, तो मुझे उनके निधन की खबर मिली। यह बहुत दुखद है। उनका जाना फिल्म उद्योग और महाराष्ट्र के लिए एक बड़ा नुकसान है। उनके परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति मिले।"
नाना पाटेकर का निधन गुरुवार की सुबह गोवा में हुआ। उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया और मेडिकल टीम उनके घर पहुंची, लेकिन वह अचेत अवस्था में थे। उन्हें मणिपाल हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां सुबह 5:20 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। नाना पाटेकर ने 75 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली।
नाना पाटेकर का जन्म 1 जनवरी 1951 को महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के मुरुड में हुआ था। उनका असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था। उन्होंने रंगमंच से सिनेमा में कदम रखा और 1978 से 2026 तक एक प्रभावशाली अभिनेता के रूप में सक्रिय रहे। उनकी प्रमुख फिल्मों में 'सलाम बॉम्बे', 'परिंदा', 'तिरंगा', 'क्रांतिवीर', 'वेलकम' शामिल हैं। वह मराठी सिनेमा में भी सक्रिय रहे और 'नटसम्राट' उनकी एक बेहद प्रशंसित फिल्म है। उन्हें तीन बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और चार बार फिल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया।