☰
×

नसीरुद्दीन शाह के 'दिमागी नक्सली' बयान पर सियासी हलचल, भाजपा और जेएमएम में तीखी बहस!

अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के 'दिमागी नक्सली' कहने वाले बयान ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। भाजपा सांसदों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी, जबकि झारखंड मुक्ति मोर्चा ने उनका समर्थन किया। शाह ने केंद्र सरकार पर युवाओं की हिम्मत तोड़ने और लोकतंत्र को खतरे में डालने का आरोप लगाया। जानें इस विवाद के पीछे की कहानी और दोनों पक्षों की प्रतिक्रियाएं।
 

नसीरुद्दीन शाह का विवादास्पद बयान




नई दिल्ली, 30 अक्टूबर। अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के 'दिमागी नक्सली' कहने वाले बयान ने राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है। भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया और प्रवक्ता आरपी सिंह ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी, जबकि झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के प्रवक्ता मनोज पांडे ने शाह के बयान का समर्थन किया।


भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने कहा, "भारत में हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन नसीरुद्दीन शाह अकेले नहीं हैं जो सरकार के खिलाफ बोलते हैं। अगर वे खुद को नक्सली कहते हैं, तो यह चिंता का विषय है। अमित शाह ने नक्सलवाद को समाप्त करने का निर्णय लिया है, और अगर नक्सली खत्म होंगे, तो इसमें उनका भी समावेश होगा।"


भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा, "उन्हें अपने मानसिक स्वास्थ्य की जांच करवानी चाहिए। जब बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार थी, तब उन्होंने उस पर कुछ नहीं कहा।"


वहीं, जेएमएम के प्रवक्ता मनोज पांडे ने नसीरुद्दीन शाह का समर्थन करते हुए कहा, "आज हर जागरूक व्यक्ति नक्सली करार दिया जा रहा है। आदिवासियों की आवाज उठाने पर उन्हें नक्सली कहा जाता है।"


नसीरुद्दीन शाह ने एक वीडियो में कहा था, "मैं गर्व से कहता हूं कि मैं दिमागी नक्सली हूं।" उन्होंने केंद्र सरकार पर युवाओं की हिम्मत तोड़ने और लोकतंत्र को खतरे में डालने का आरोप लगाया।