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दिव्यांका त्रिपाठी और विवेक दहिया का गणपति उत्सव: बच्चों के साथ मनाया खास त्योहार!

दिव्यांका त्रिपाठी और विवेक दहिया ने अपने जुड़वां बेटों के साथ गणपति उत्सव मनाया। इस बार का जश्न खास था, क्योंकि उन्होंने इसे सरल और प्यारा रखा। दिव्यांका ने घर की सजावट नीले रंग की थीम पर की और बच्चों के आराम का ध्यान रखते हुए त्योहार मनाया। जानें इस खास मौके पर उनके अनुभव और तैयारियों के बारे में।
 

गणपति उत्सव का खास जश्न

मुंबई, 15 सितंबर। अभिनेत्री दिव्यांका त्रिपाठी और उनके पति विवेक दहिया इस समय अपने जीवन के सबसे सुखद क्षणों का आनंद ले रहे हैं। हाल ही में, वे जुड़वां बेटों के माता-पिता बने हैं और इस बार गणपति बप्पा का स्वागत उन्होंने एक विशेष तरीके से किया है। यह कपल अपने बच्चों के साथ पहली बार गणपति उत्सव मना रहा है, और इस बार का जश्न कुछ अलग ही रंग में रंगा हुआ है।


घर की सजावट से लेकर गणपति की मूर्ति तक, हर चीज में उनके नन्हे बेटों की छवि झलक रही है। दिव्यांका ने साझा किया कि इस बार उन्होंने घर में नीले रंग की थीम रखी है और सजावट को अपने बच्चों के अनुसार तैयार किया है।


दिव्यांका ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'हमारे बच्चे अभी बहुत छोटे हैं, इसलिए हमने गणपति उत्सव को बहुत भव्य बनाने के बजाय सरल और प्यारा रखा है। हमने भगवान गणपति को घर लाया है ताकि उनके आशीर्वाद से हमारे बच्चों को भी लाभ मिले। सजावट में नीले रंग के साथ मोती, खरगोश और मशरूम जैसी चीजें शामिल की गई हैं। इस बार सजावट का पूरा विचार हमारे बेटों के इर्द-गिर्द घूमता है।'


उन्होंने आगे कहा, 'छोटे बच्चों की देखभाल करते हुए घर पर आने वाले मेहमानों और त्योहार की तैयारियों को संभालना चुनौतीपूर्ण हो गया है। अब हर काम करते समय बच्चों की सुविधा का ध्यान रखना जरूरी हो गया है।'


दिव्यांका ने कहा, 'पहले मेरा दिमाग 60 की गति से चलता था, लेकिन अब इसे 160 की गति से चलाना पड़ता है। मुझे यह सुनिश्चित करना होता है कि बच्चे आरामदायक रहें, मेहमानों का स्वागत किया जा सके और गणपति उत्सव का जश्न भी अच्छे से मनाया जाए। इसके लिए मुझे पहले से ज्यादा मेहनत करनी पड़ी है। इस भागदौड़ के बीच भी मैंने और विवेक ने इस पूरे समय का आनंद लिया।'


अभिनेत्री ने कहा, 'इस बार हमने गणपति उत्सव में किसी बड़ी पार्टी या भारी तैयारी के बजाय परिवार के साथ शांति से त्योहार मनाने पर ध्यान केंद्रित किया। मैंने घर पर ही मोदक बनाए। इसके अलावा, सब्जी, रोटी, दाल और रोजमर्रा का खाना भी घर पर ही तैयार किया गया।'


मां बनने के बाद जीवन में आए बदलाव के बारे में उन्होंने कहा, 'अब मेरा ध्यान हमेशा बच्चों पर रहता है। दोनों बच्चे इतने छोटे हैं कि सोते समय भी मैं और विवेक बार-बार उन्हें देखते हैं कि वे ठीक हैं या नहीं। पहले हम अपने बारे में इतना नहीं सोचते थे, लेकिन अब हमारा ध्यान उन दो नए सदस्यों पर ज्यादा रहता है।'