×

दिलजीत दोसांझ ने राजनीति में आने के प्रस्ताव को किया ठुकरा

दिलजीत दोसांझ ने हाल ही में पंजाब की राजनीति में शामिल होने के लिए की गई अपील को ठुकरा दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका ध्यान केवल मनोरंजन पर है। इस निर्णय के पीछे कई राजनीतिक टिप्पणियाँ और आलोचनाएँ भी हैं। जानें इस मामले की पूरी कहानी और दिलजीत के विचारों के बारे में।
 

दिलजीत दोसांझ का स्पष्ट जवाब

 प्रसिद्ध पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने हाल ही में पंजाब की राजनीति में शामिल होने के लिए की गई अपील को अस्वीकार कर दिया है। सिविल सोसाइटी के एक समूह ने उन्हें इस भूमिका के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन दिलजीत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर पंजाबी में अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, “कदे वी नहीं... मेरा काम एंटरटेनमेंट करना है। मैं अपने क्षेत्र में बहुत खुश हूँ। आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।” आइये जानते हैं पूरा मामला क्या है?


राजनीतिक अपील का संदर्भ

 यह अपील उस लेख के बाद आई, जिसमें पूछा गया था कि क्या दिलजीत दोसांझ पंजाब का नया राजनीतिक चेहरा बन सकते हैं। रिपोर्ट में बताया गया कि सिविल सोसाइटी के सदस्यों, जिनमें रिटायर्ड सैनिक और विभिन्न क्षेत्रों के लोग शामिल थे, ने दिलजीत से राजनीति में आने का आग्रह किया था। इस समूह का नेतृत्व रिटायर्ड नौकरशाह एस.एस. बोपाराई कर रहे थे, जिन्होंने दिलजीत को इस भूमिका के लिए प्रेरित किया।


दिलजीत का मनोरंजन पर जोर

 दिलजीत ने इस अपील का जवाब देते हुए कहा कि वह केवल मनोरंजन के क्षेत्र में संतुष्ट हैं। उन्होंने X (ट्विटर) पर लिखा, “कदे वी नहीं... मेरा काम एंटरटेनमेंट करना है। मैं अपने क्षेत्र में बहुत खुश हूँ। आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।”


राजनीतिक टिप्पणियाँ और प्रतिक्रिया

 2 मई को कनाडा के एडमंटन में अपने ‘ऑरा टूर’ के दौरान, दिलजीत ने भारत में अपने खिलाफ होने वाली आलोचनाओं का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग उनके नाम का मजाक उड़ाते हैं। एक बच्चे ने दर्शकों में कहा, “पंजाबी आ गए ओए।” दिलजीत ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बच्चे को रोकना संभव नहीं है। उन्होंने कहा, “जब मैं भारत जाता हूँ, तो मुझे खालिस्तानी कहा जाता है, और जब मैं यहाँ आता हूँ, तो कुछ और। मुझे समझ नहीं आता कि मुझे कहाँ जाना चाहिए।”


दिलजीत का हालिया कार्य

 दिलजीत ने हाल ही में अपने कैलगरी कॉन्सर्ट में खालिस्तान के झंडे लहराने वाले प्रदर्शनकारियों को देखा और कहा कि वे बेझिझक झंडे लहराते रहें। उन्होंने 'द टुनाइट शो स्टारिंग जिमी फैलन' में भी अपनी उपस्थिति का जिक्र किया, जहाँ उन्होंने 1914 की गुरु नानक जहाज़ त्रासदी के बारे में बात की।


आगे की योजनाएँ

 काम के मोर्चे पर, दिलजीत इस साल 'बॉर्डर 2' में नजर आए थे। उनके पास इम्तियाज़ अली की फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' भी पाइपलाइन में है, जिसमें वेदांग रैना, शरवरी वाघ और नसीरुद्दीन शाह भी शामिल हैं।