दिलजीत दोसांझ का संघर्ष: अमीर बनने की कहानी
दिलजीत दोसांझ का संघर्ष और सफलता
पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ, जो अब एक वैश्विक आइकन बन चुके हैं, ने हाल ही में अपनी फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' की बॉक्स ऑफिस सफलता के बीच अपने कठिन प्रारंभिक दिनों को याद किया। उन्होंने 'Q with Tom Power' पॉडकास्ट पर एक इंटरव्यू में बताया कि करोड़ों की संपत्ति के मालिक होने के बावजूद, उनके परिवार को साधारण चिकित्सा खर्च उठाने में भी कठिनाई होती थी। दिलजीत ने अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए कहा कि वे एक साधारण और औसत से भी कम आय वाले परिवार से थे, जिसने उनके जीवन के प्रति दृष्टिकोण को बदल दिया।
लाइव परफॉर्मेंस से मिली पहचान
2002 में अपने पहले एल्बम के रिलीज़ के बाद, दिलजीत ने महसूस किया कि लाइव परफॉर्मेंस उनके लिए आय का सबसे बड़ा स्रोत बन सकती हैं। हालांकि, शुरुआत में वे जन्मदिन की पार्टियों और शादियों में परफॉर्म करने में संकोच कर रहे थे, लेकिन जल्द ही उन्हें इन अवसरों से मिलने वाले आर्थिक लाभ का एहसास हुआ। उन्होंने कहा, "यह अद्भुत है। इस क्षेत्र में बहुत पैसा है।"
आर्थिक तंगी से उबरने की चाहत
दिलजीत ने बताया कि उन्होंने कभी किसी को मना नहीं किया। चाहे कोई 5,000, 10,000 या 15,000 रुपये की पेशकश करे, उन्होंने हमेशा हाँ कहा। उनका यह प्रयास उनके बचपन की आर्थिक कठिनाइयों से उबरने की चाहत से प्रेरित था। उन्होंने कहा कि अमीर और मशहूर बनना केवल एक सपना नहीं था, बल्कि यह उनकी जरूरत थी।
शादियों में परफॉर्म करने का निर्णय
दिलजीत ने यह भी बताया कि उन्होंने आखिरकार शादियों में परफॉर्म करना क्यों बंद किया। उनके अनुसार, पंजाबी संगीत उद्योग के कुछ वरिष्ठ कलाकार इन परफॉर्मेंस को कमतर समझते थे। इसलिए, उन्होंने अपने कॉन्सर्ट आयोजित करने पर ध्यान केंद्रित करने का निर्णय लिया।
बचपन की यादें
अपने बचपन को याद करते हुए दिलजीत ने कहा, "मैं एक गरीब परिवार से था। अगर कोई बीमार पड़ जाता, तो डॉक्टर के पास जाने के लिए पैसे नहीं होते थे।" काम की बात करें तो, दिलजीत को हाल ही में इम्तियाज़ अली की फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' में देखा गया था, जो 12 जून को रिलीज़ हुई थी।