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दलेर मेहंदी के विवाद पर जिमी शेरगिल की प्रतिक्रिया: क्या है सच्चाई?

अभिनेता जिमी शेरगिल ने उत्तराखंड में दलेर मेहंदी के विवादास्पद परफॉर्मेंस पर अपनी राय दी है। उन्होंने स्वास्थ्य समस्याओं का मजाक उड़ाने को अनुचित बताया। जानें इस मामले में क्या हुआ और अन्य कलाकारों की प्रतिक्रियाएं।
 

जिमी शेरगिल का संवेदनशीलता पर जोर

मुंबई, 23 अक्टूबर। अभिनेता और निर्माता जिमी शेरगिल ने हाल ही में उत्तराखंड में एक कार्यक्रम में सिंगर दलेर मेहंदी की परफॉर्मेंस को लेकर उठे विवाद पर अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि किसी की स्वास्थ्य स्थिति का मजाक बनाना अनुचित है।


एक विशेष बातचीत में, जिमी ने बताया, "मैं दलेर मेहंदी को लंबे समय से जानता हूं। वह एक बहुत ही सूफी व्यक्ति हैं। मेरी जानकारी के अनुसार, वह शराब का सेवन नहीं करते। मुझे लगता है कि उन्होंने हाल ही में कोई सर्जरी करवाई है। मैंने भी ऐसे समय का सामना किया है जब कोई व्यक्ति स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा होता है। इसलिए इस तरह की बातें करना सही नहीं है।"


उन्होंने आगे कहा, "लोगों को इस तरह के मामलों में संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। किसी की स्वास्थ्य समस्याओं को समझे बिना उस पर टिप्पणी करना या मजाक बनाना गलत है।"


कुंजापुरी मेले में विवाद

यह विवाद 19 अक्टूबर को उत्तराखंड के नई टिहरी में आयोजित कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले के दौरान शुरू हुआ। दलेर मेहंदी को इस कार्यक्रम में परफॉर्म करने के लिए आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान, राज्य के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने गायक की परफॉर्मेंस पर नाराजगी जताई।


मंत्री ने सवाल उठाया कि अगर दलेर ठीक से बोल नहीं पा रहे हैं, तो वह गाना कैसे गा सकते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दलेर ने शराब पी रखी थी और लाइव गाने के बजाय लिपसिंक कर रहे थे।


दलेर मेहंदी का बचाव

इस विवाद के बाद, दलेर मेहंदी के भाई और गायक मीका सिंह ने उनका समर्थन किया। मीका ने कहा कि दलेर की तबीयत ठीक नहीं थी और वह हाल ही में सर्जरी से उबर रहे थे। उन्होंने शराब पीने के आरोपों को भी नकारा।


अनुपम खेर ने भी इस मामले में अपनी बात रखी, उन्होंने कहा कि वह दलेर मेहंदी को पिछले 25 से 30 साल से जानते हैं और कभी उन्हें शराब पीते नहीं देखा। अगर परफॉर्मेंस को लेकर कोई शिकायत थी, तो उसे व्यक्तिगत रूप से और सम्मानपूर्वक उठाया जाना चाहिए था।


फेडरेशन की चिंता

विवाद के बीच, फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर इस घटना पर चिंता व्यक्त की। फेडरेशन ने कहा कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में किसी कलाकार की परफॉर्मेंस को लेकर कोई समस्या हो, तो उसे समझदारी और संवेदनशीलता से सुलझाया जाना चाहिए। किसी कलाकार को सार्वजनिक रूप से डांटना उचित नहीं है।


सुबोध उनियाल ने अपनी बात रखते हुए कहा कि अगर दलेर मेहंदी की तबीयत ठीक नहीं थी, तो उन्हें आयोजकों को पहले ही सूचित करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि उन्हें गायक से कोई व्यक्तिगत समस्या नहीं है और उनका इरादा किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं था।