जॉनी लीवर: कॉमेडी किंग की संघर्ष भरी कहानी और सफलता के राज़
जॉनी लीवर का अनोखा सफर
मुंबई, 13 अगस्त। जब भी हम बॉलीवुड की कॉमेडी की बात करते हैं, जॉनी लीवर का नाम अपने आप ही जुबां पर आ जाता है। उनकी अनोखी आवाज, बेहतरीन टाइमिंग, चेहरे के भाव और विभिन्न किरदारों को निभाने की कला ने उन्हें फिल्मों में कॉमेडी का एक नया आयाम दिया। हालांकि, जॉनी का सफर हमेशा आसान नहीं रहा। कभी पैसों की तंगी ने उन्हें सड़कों पर कलम बेचने पर मजबूर किया, तो कभी जीवन की कठिनाइयों ने उन्हें हिम्मत हारने के कगार पर ला खड़ा किया।
जॉनी लीवर का असली नाम जॉन प्रकाश राव जनुमाला है। उनका जन्म 14 अगस्त 1957 को आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले में हुआ। उनका बचपन मुंबई में बीता, जहां परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी। पढ़ाई में भी वह ज्यादा आगे नहीं बढ़ सके और सातवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी। परिवार की मदद के लिए उन्हें छोटी उम्र से ही काम करना पड़ा। इस दौरान, वह मुंबई की सड़कों पर पेन बेचते थे, लेकिन उनका तरीका थोड़ा अलग था। वह फिल्मी सितारों की नकल करके लोगों का ध्यान आकर्षित करते थे।
यही मिमिक्री धीरे-धीरे उनकी पहचान बन गई। इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान यूनिलीवर में काम किया, जहां भी अपने सहकर्मियों और अधिकारियों की मिमिक्री करके लोगों को हंसाते रहे। एक कार्यक्रम में उनकी मिमिक्री ने इतना प्रभाव डाला कि साथी उन्हें मजाक में 'जॉनी लीवर' कहने लगे, और यही नाम उनकी पहचान बन गया।
जॉनी की कॉमेडी का जादू बढ़ता गया, और उन्होंने स्टेज शो करना शुरू किया। उनकी प्रतिभा को देखते हुए उन्हें बड़े मंचों पर प्रदर्शन करने का मौका मिला। 1981 के आसपास, उन्होंने अपनी नौकरी छोड़कर पूरी तरह से मनोरंजन की दुनिया में कदम रखा। स्टेज शो, मिमिक्री और लाइव परफॉर्मेंस के जरिए उन्होंने अपनी अलग पहचान बनानी शुरू की।
फिल्मों में उनके करियर की शुरुआत अभिनेता सुनील दत्त की नजर पड़ने के बाद हुई, जब उन्हें फिल्म 'दर्द का रिश्ता' में काम करने का मौका मिला। इसके बाद जॉनी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। हालांकि, शुरुआती दौर में उन्हें छोटे और सहायक किरदार मिले, लेकिन उनकी कॉमेडी ने दर्शकों का ध्यान खींचा।
फिल्म 'बाजीगर' ने उनकी लोकप्रियता को नई ऊंचाई दी। इसके बाद, जॉनी लीवर उन कलाकारों में शामिल हो गए, जिनकी एंट्री से ही दर्शकों को हंसी की उम्मीद होने लगी। 'बाबूलाल', 'छोटा छत्री' और 'असलम भाई' जैसे किरदार आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं। उनकी खासियत यह थी कि वह छोटे से छोटे रोल को भी अपनी कॉमेडी और एक्सप्रेशन से यादगार बना देते थे।
जॉनी लीवर ने 300 से अधिक फिल्मों में काम किया है और अपने लंबे करियर में कई पुरस्कार भी जीते हैं। उन्हें 'दीवाना मस्ताना' और 'दूल्हे राजा' के लिए फिल्मफेयर बेस्ट कॉमेडियन अवॉर्ड मिला। फिल्मों के अलावा, उन्होंने टीवी पर भी अपनी कॉमेडी का जलवा दिखाया और कई शो में नजर आए।