×

जया भट्टाचार्य ने दार्जिलिंग में महाकाल मंदिर में बिताए खास पल, जानें क्या कहा!

टीवी एक्ट्रेस जया भट्टाचार्य ने हाल ही में दार्जिलिंग में महाकाल मंदिर का दौरा किया। उन्होंने वहां बिताए समय को अपने फैंस के साथ साझा किया, जिसमें उन्होंने मंदिर की शांति और वहां की अद्भुत वातावरण का वर्णन किया। जया ने बताया कि कैसे इस पवित्र स्थान ने उन्हें आस्था और भाईचारे की याद दिलाई। जानें उनके अनुभव और विचार इस खास यात्रा के बारे में।
 

जया भट्टाचार्य का दार्जिलिंग दौरा


मुंबई, 30 जुलाई। व्यस्त जीवन और लगातार शूटिंग के बीच, जब कलाकारों को खुद के लिए कुछ समय मिलता है, तो वे अक्सर शांत स्थानों की ओर रुख करते हैं। टीवी एक्ट्रेस जया भट्टाचार्य ने भी ऐसा ही किया। हाल ही में अपनी शूटिंग खत्म करने के बाद, जया दार्जिलिंग गईं और वहां के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में समय बिताया। उन्होंने इस अद्भुत अनुभव को अपने फैंस के साथ साझा किया।


जया भट्टाचार्य ने इंस्टाग्राम पर महाकाल मंदिर का एक वीडियो साझा किया। इस वीडियो में जया कैमरे के सामने आकर कहती हैं, 'शूटिंग खत्म हो गई है और हम निकल पड़े हैं। हमने सोचा कि महाकाल मंदिर चलते हैं।'


इसके बाद, कैमरा मंदिर की ओर मुड़ जाता है। वीडियो में मंदिर की पुरानी सीढ़ियां, पत्थरों से बना मंदिर, चारों ओर फैली हरियाली और धुंध दिखाई देती है। जगह-जगह बंधे झंडे हवा में लहराते नजर आते हैं। बैकग्राउंड में घंटियों की आवाज सुनाई देती है।


वीडियो में मंदिर के अंदर का शांत वातावरण भी दिखाया गया है। लोग दीपक जला रहे हैं और प्रार्थना कर रहे हैं। जया ने मंदिर के आसपास के खूबसूरत दृश्यों को भी कैद किया।


वीडियो के साथ जया ने कैप्शन में लिखा, 'मंदिर की घंटियों की आवाज, चारों ओर धुंध, लहराते झंडे और लोगों के धीमे-धीमे चलते कदमों के बीच मुझे एक अजीब सी शांति महसूस हुई। इस मंदिर की सबसे खास बात यह है कि यहां हिंदू और बौद्ध दोनों धर्मों की प्रार्थनाएं कई पीढ़ियों से एक साथ गूंजती हैं। यह पवित्र स्थान हमें याद दिलाता है कि आस्था और आपसी भाईचारा साथ-साथ रह सकते हैं।'


कैप्शन में जया ने आगे लिखा, 'मैं सोच रही थी कि कितने लोग होंगे जो अपनी उम्मीद लेकर या धन्यवाद कहने के लिए यहां आए होंगे। टूटे दिल के साथ या बस भगवान से अकेले में बात करने के लिए इन सीढ़ियों पर चढ़कर आए होंगे। मैं यहां कई परेशानियों के साथ आई थी, लेकिन लौटते समय हल्के मन के साथ गई।'