गजराज राव ने भारत की धरोहरों की सुरक्षा पर उठाई चिंता, लंदन के उदाहरण से किया तुलना
भारत की सांस्कृतिक धरोहर की सुरक्षा की आवश्यकता
मुंबई, 4 फरवरी। अभिनेता गजराज राव ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने देश की प्राचीन धरोहरों के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि इन धरोहरों का सही तरीके से ध्यान रखा जाए, तो ये सुरक्षित रह सकती हैं।
गजराज ने बताया कि भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर को बचाने के लिए तुरंत कदम उठाने की आवश्यकता है। पुरानी हवेलियाँ, महल, मंदिर और मस्जिदें केवल ईंट-पत्थर नहीं हैं, बल्कि ये हमारी पहचान और इतिहास का अभिन्न हिस्सा हैं। यदि इनकी अनदेखी की गई, तो भविष्य की पीढ़ियाँ अपने पूर्वजों की धरोहर से वंचित रह जाएंगी।
उन्होंने लंदन की स्थिति की तुलना करते हुए कहा कि वहां पुरानी इमारतों के संरक्षण के लिए सख्त नियम हैं और सरकारी सहायता भी उपलब्ध है। वहीं, भारत में कई स्थानों पर ऐसी इमारतें या तो ध्वस्त की जा रही हैं या उपेक्षा के कारण खंडहर बन रही हैं। ग्वालियर जैसे शहरों में भी कई इमारतें हैं, जिन्हें थोड़ी मरम्मत और देखभाल से पुनर्जीवित किया जा सकता है।
गजराज ने लंदन में पुरानी इमारतों की देखभाल की प्रशंसा करते हुए कहा कि वहां सदियों पुरानी इमारतों को धरोहर के रूप में संरक्षित किया जाता है। इसके विपरीत, भारत में, विशेषकर दिल्ली में, ऐसी इमारतें तेजी से कंक्रीट के जंगल में खोती जा रही हैं।
उन्होंने कहा, "लंदन में पुरानी इमारतों की देखभाल की जाती है, लेकिन दिल्ली में ऐसा नहीं है। सदियों पुरानी इमारतें लगातार गायब होती जा रही हैं।"
गजराज ने ग्वालियर का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां कई ऐसी इमारतें हैं, जिन्हें थोड़ी देखभाल और ध्यान देने से कई दशकों या सदियों तक सुरक्षित रखा जा सकता है।