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क्यों अपने प्रोजेक्ट्स का प्रचार नहीं करते किशन दास? जानें उनकी सोच

तमिल फिल्म इंडस्ट्री के अभिनेता किशन दास ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने बताया कि वह अपने प्रोजेक्ट्स का प्रचार क्यों नहीं करते। किशन का मानना है कि किसी फिल्म के बारे में तब तक बात नहीं करनी चाहिए जब तक उसका काम पूरा न हो जाए। उन्होंने अपने संघर्षों को भी साझा किया, जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने अपने सपनों को पूरा करने के लिए कई चीजें छोड़ीं। जानें किशन की सोच और उनके अनुभवों के बारे में।
 

किशन दास का अनोखा दृष्टिकोण


मुंबई, 28 अप्रैल। तमिल सिनेमा के अभिनेता किशन दास अक्सर प्रचार से दूर रहते हैं और अपने काम पर ध्यान केंद्रित करना पसंद करते हैं। हाल ही में, उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के माध्यम से बताया कि वह अपने आगामी प्रोजेक्ट्स के बारे में जानकारी साझा करने में क्यों संकोच करते हैं।


किशन ने अपने इंस्टाग्राम पर लिखा, ''कई लोग मुझसे पूछते हैं कि मैं आगे क्या करने वाला हूं और मेरे नए प्रोजेक्ट्स की कोई जानकारी क्यों नहीं है। मेरा मानना है कि किसी भी फिल्म या प्रोजेक्ट के बारे में तब तक बात नहीं करनी चाहिए, जब तक उसका काम पूरा न हो जाए।''


उन्होंने आगे कहा, ''अगर मैं शुरू से ही अपने काम का प्रचार करने लगूं, तो लोग सोचेंगे कि मेरे पास बहुत सारे प्रोजेक्ट्स हैं। लेकिन मैं ऐसा दिखावा नहीं करना चाहता।''


अभिनेता ने यह भी कहा कि जब किसी फिल्म का काम पूरा हो जाता है और उसके बाद दर्शकों को उसके बारे में बताया जाता है, तो लोग उस फिल्म से अधिक जुड़ाव महसूस करते हैं। इससे फिल्म का सफर छोटा, लेकिन खास बन जाता है, क्योंकि दर्शकों को जानकारी मिलने के बाद ही वे फिल्म देखने जाते हैं।


किशन ने कहा, ''मैं लगातार मेहनत कर रहा हूं और सही समय पर सभी आवश्यक जानकारी साझा करूंगा। मैं अपने दर्शकों को बेहतरीन सिनेमाघर अनुभव देना चाहता हूं।''


कुछ दिन पहले, किशन ने एक भावुक संदेश साझा किया था, जिसमें उन्होंने अपने संघर्षों को याद किया। उन्होंने कहा, ''जब भी मुझे अपने सफर पर संदेह होता है, मैं अपने पुराने दिनों को याद करता हूं। यहां तक पहुंचने के लिए मुझे बहुत कुछ खोना पड़ा है।''


किशन ने बताया कि स्कूल के दिनों में उन्होंने पढ़ाई और दोस्तों के साथ बिताए कई पल छोड़ दिए थे, क्योंकि वह हर अवसर को पकड़ना चाहते थे जो उन्हें आगे बढ़ने में मदद कर सके। कॉलेज के समय में भी उनकी जिंदगी आसान नहीं थी। उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ विभिन्न कार्यक्रमों में काम करना पड़ता था।


उन्होंने कहा, ''19 साल की उम्र में नौकरी करते हुए मेरा संघर्ष और बढ़ गया था। मैं कैमरे और सामान उठाकर एक जगह से दूसरी जगह भागता रहता था। इस दौरान मैं अपने दोस्तों के साथ समय नहीं बिता पाता था। मेरे दोस्त घूमने जाते थे, लेकिन मैं अपने सपनों को पूरा करने के लिए काम में लगा रहता था।''