×

क्या है लोक गायिका Neha Singh Rathore का विवाद? जानें सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत के बारे में

लोक गायिका नेहा सिंह राठौर को सुप्रीम कोर्ट से एक महत्वपूर्ण राहत मिली है, जिसमें उनकी गिरफ्तारी पर अस्थायी रोक लगाई गई है। यह मामला पहलगाम में हुए आतंकी हमले से जुड़ा है, जिसमें कई पर्यटक मारे गए थे। नेहा ने सोशल मीडिया पर सरकार और प्रधानमंत्री की आलोचना की थी, जिसके बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें निर्देश दिया है कि वे 19 जनवरी को पुलिस जांच में शामिल हों। जानें इस विवाद का पूरा सच और आगे की सुनवाई के बारे में।
 

सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत


नई दिल्ली, 7 जनवरी। लोक गायिका नेहा सिंह राठौर को पहलगाम में हुए आतंकी हमले से संबंधित एक विवादास्पद सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट से महत्वपूर्ण राहत मिली है।


सुप्रीम कोर्ट ने नेहा की गिरफ्तारी पर अस्थायी रोक लगा दी है। यह मामला अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए एक आतंकी हमले से जुड़ा है, जिसमें कई पर्यटक मारे गए थे।


हमले के बाद, नेहा सिंह राठौर ने सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट साझा किए थे, जिनमें उन्होंने सरकार और प्रधानमंत्री की आलोचना की थी। इन पोस्ट को आपत्तिजनक मानते हुए लखनऊ के हजरतगंज थाने में शिकायतकर्ता अभय प्रताप सिंह ने एफआईआर दर्ज कराई।


आरोप है कि इन पोस्ट के माध्यम से देश में नफरत फैलाने और राष्ट्रीय एकता को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया। नेहा ने पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी, लेकिन दिसंबर 2025 में हाईकोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।


हाईकोर्ट के निर्णय के खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए नेहा की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है, लेकिन यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें 19 जनवरी को पुलिस जांच में शामिल होना होगा और पूछताछ में पूरा सहयोग करना होगा। यदि वे सहयोग नहीं करतीं, तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा।


कोर्ट ने यह भी कहा कि जांच आगे बढ़ेगी और नेहा को निर्देशों का पालन करना होगा।


नेहा सिंह राठौर अपने राजनीतिक और सामाजिक विचारों के लिए सोशल मीडिया पर जानी जाती हैं। उनके गाने और पोस्ट अक्सर चर्चा का विषय बनते हैं। इस मामले में वे पहले भी जांच के दायरे में थीं, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम रोक से उन्हें तत्काल राहत मिली है। हालांकि, मामला अभी लंबित है और आगे की सुनवाई में अंतिम निर्णय आएगा।