क्या है लता मंगेशकर और पीएम मोदी के बीच का खास रिश्ता? जानें उनके अनमोल किस्से!
पीएम मोदी का 76वां जन्मदिन और लता मंगेशकर की यादें
नई दिल्ली, 16 सितंबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को अपने 76वें जन्मदिन का जश्न मनाएंगे। इस अवसर पर उनके साथ जुड़ी कई यादें और किस्से फिर से चर्चा का विषय बन गए हैं। इनमें से एक खास किस्सा भारत रत्न लता मंगेशकर के साथ का है, जो उन्हें 'नरेंद्र भाई' कहकर बुलाती थीं। दोनों के बीच भाई-बहन जैसा गहरा रिश्ता था, और लता मंगेशकर हर साल रक्षाबंधन पर उन्हें राखी भेजती थीं। उन्होंने एक लेख में पीएम मोदी के कार्यशैली और उनके इरादों की सराहना की थी।
लता मंगेशकर ने 'मोदी एट 20: ड्रीम्स मीट डिलीवरी' नामक किताब की प्रस्तावना में पीएम मोदी के प्रति अपने विचार साझा किए थे। उन्होंने लिखा कि वह उन्हें कई वर्षों से जानती थीं और उनके द्वारा किए गए कार्यों को ध्यान से देखती थीं। उनके दृष्टिकोण में कुछ अलग था, और उनकी बातचीत से यह स्पष्ट होता था कि उनका ध्यान सत्ता से ज्यादा लोगों की भलाई पर है।
लता मंगेशकर ने महात्मा गांधी का उदाहरण देते हुए कहा था कि जिस तरह गांधीजी ने आजादी की लड़ाई को जन आंदोलन बनाया, उसी प्रकार नरेंद्र मोदी भी देश के विकास को जन आंदोलन से जोड़ने का प्रयास कर रहे थे। उन्होंने अपने इस विचार को किताब की प्रस्तावना में दर्ज किया था।
लता मंगेशकर पीएम मोदी को अपना भाई मानती थीं, और वह भी उन्हें अपनी बड़ी बहन कहते थे। लता मंगेशकर के भाई हृदयनाथ मंगेशकर ने बताया कि उनकी बहन और पीएम मोदी के बीच कई दशकों से सम्मान और अपनापन था। रक्षाबंधन पर लता दीदी उन्हें राखी भेजती थीं, और वह भी फोन या पत्र के माध्यम से जवाब देते थे। जब पीएम मोदी उनसे मिलने जाते थे, तो लता उन्हें गुजराती खाना भी परोसती थीं।
2019 में लता मंगेशकर के 90वें जन्मदिन पर, पीएम मोदी ने अमेरिका जाने से पहले उन्हें फोन कर शुभकामनाएं दी थीं। उस बातचीत में लता मंगेशकर ने देश में हो रहे सकारात्मक बदलावों पर अपनी खुशी व्यक्त की थी। उन्होंने कहा था कि उन्हें लगता है कि देश की तस्वीर बदल रही है, और इससे उन्हें खुशी मिलती है। यह बातचीत बाद में रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में भी साझा की गई थी।
नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने से पहले भी लता मंगेशकर ने सार्वजनिक रूप से उनकी इच्छा व्यक्त की थी। नवंबर 2013 में, जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे, लता ने कहा था कि वह उन्हें देश के प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहती हैं।
2022 में लता मंगेशकर के निधन पर श्रद्धांजलि देते हुए पीएम मोदी ने लिखा था, ''मैं इस दुख को शब्दों में नहीं कह सकता। दयालु और देखभाल करने वाली लता दीदी हमें छोड़कर चली गईं। वह हमारे देश में एक खालीपन छोड़ गई हैं, जिसे भरा नहीं जा सकता। आने वाली पीढ़ियां उन्हें भारतीय संस्कृति के एक दिग्गज के रूप में याद रखेंगी, जिनकी सुरीली आवाज में लोगों को मंत्रमुग्ध करने की अद्वितीय क्षमता थी।''