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क्या है राजीव खंडेलवाल के शो 'तुम हो ना' में रश्मि देसाई की प्रेरणादायक कहानी?

राजीव खंडेलवाल के शो 'तुम हो ना' में रश्मि देसाई ने प्रतियोगी बीना को प्रेरित किया, जो अपने वजन के कारण बॉडी शेमिंग का सामना कर रही थीं। रश्मि ने बीना को हिम्मत देते हुए कहा कि समाज की सोच से प्रभावित नहीं होना चाहिए। उन्होंने महिलाओं की जिंदगी और सपनों के महत्व पर भी चर्चा की। जानें इस प्रेरणादायक एपिसोड के बारे में और रश्मि के विचारों को।
 

रश्मि देसाई का प्रेरणादायक संदेश


मुंबई, 27 मई। अभिनेता राजीव खंडेलवाल के होस्टिंग शो 'तुम हो ना' के आगामी एपिसोड में एक प्रेरणादायक कहानी देखने को मिलेगी। इस एपिसोड में अभिनेत्री रश्मि देसाई ने विशेष मेहमान के रूप में भाग लिया और प्रतियोगी बीना का हौसला बढ़ाया।


बीना ने शो में खुलासा किया कि उन्हें अपने वजन के कारण बॉडी शेमिंग का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि समाज अक्सर बाहरी रूप के आधार पर राय बना लेता है, लेकिन वह इन बातों से प्रभावित नहीं होना चाहतीं।


बीना ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि उनके लिए डांस एक भावना है। उन्होंने कहा, ''मैं मानती हूं कि डांस दिल से होता है, न कि शरीर से। मैंने जीवन में कई कठिनाइयों का सामना किया है, लेकिन मैंने अपने हुनर और सपनों को कभी नहीं छोड़ा।''


बीना की कहानी सुनकर रश्मि देसाई भावुक हो गईं। उन्होंने बीना को प्रोत्साहित करते हुए कहा, ''दुनिया में लोग हमेशा कुछ न कुछ कहते रहते हैं। अगर उनके पास बात करने के लिए कुछ नहीं होगा, तो वे किसी और विषय पर चर्चा करने लगेंगे। इसलिए दूसरों की सोच से खुद को सीमित करना सही नहीं है।''


रश्मि ने बीना से कहा, ''आप अपनी बेटी के लिए एक बड़ी प्रेरणा हैं। जब एक मां मुश्किलों का सामना करते हुए अपने सपनों के लिए लड़ती है, तो इसका प्रभाव बच्चों पर भी पड़ता है। इसलिए कभी हार मत मानो और अपने डांस को जारी रखो।''


रश्मि ने समाज की सोच पर भी विचार किया। उन्होंने कहा, ''छोटे शहरों में लोग अक्सर दूसरों की जिंदगी के बारे में ज्यादा बातें करते हैं, क्योंकि वहां सोच का दायरा सीमित होता है। लेकिन अंततः जिंदगी हर किसी की अपनी होती है और इसे जीने का निर्णय भी खुद का होना चाहिए। किसी की आलोचना के कारण अपने सपनों को छोड़ना सही नहीं है।''


महिलाओं की जिंदगी के बारे में रश्मि ने कहा, ''शादी और बच्चों के बाद कई महिलाएं खुद को पीछे छोड़ देती हैं। उनकी प्राथमिकताएं बदल जाती हैं और वे परिवार के लिए जीने लगती हैं। यह सामान्य है, लेकिन यह भी जरूरी है कि महिलाएं अपने सपनों और पहचान को न भूलें।''


उन्होंने अपने परिवार का उदाहरण देते हुए कहा, ''मुझे हमेशा अपने भाई का समर्थन मिला है। मेरे परिवार में एक-दूसरे को सहयोग करना सिखाया गया है। मैं मानती हूं कि परिवार का साथ किसी भी व्यक्ति को आगे बढ़ने की ताकत देता है।''