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क्या है छात्रों के प्रदर्शन पर सुरभि चंदना और करण शर्मा की सलाह?

जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन को लेकर सुरभि चंदना, करण शर्मा और भूमि पेडनेकर ने अपने विचार साझा किए हैं। उन्होंने अभद्र भाषा और धमकियों के खिलाफ आवाज उठाई और कहा कि विरोध का तरीका हमेशा मर्यादित होना चाहिए। भूमि ने एक युवा लड़की के समर्थन में भी बात की, जिसे प्रदर्शन के बाद धमकियां मिल रही हैं। जानें इन सितारों ने क्या कहा और इस मुद्दे पर उनका दृष्टिकोण क्या है।
 

छात्रों के प्रदर्शन पर चर्चा




मुंबई, 3 अगस्त। जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर बहस जारी है। इस संदर्भ में अभिनेत्री सुरभि चंदना, निर्माता करण शर्मा और अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने अपने विचार साझा किए। तीनों ने विभिन्न दृष्टिकोणों से बात की, लेकिन इस पर सहमति जताई कि अभद्र भाषा, नफरत और धमकियों का कोई स्थान नहीं होना चाहिए।


सुरभि चंदना ने कहा, ''अगर शिक्षा प्रणाली में कोई कमी है, तो उस पर चर्चा होनी चाहिए। सवाल पूछना हर नागरिक का अधिकार है। लेकिन मुख्य मुद्दे से भटकना ठीक नहीं है, इससे असली मुद्दा कमजोर पड़ता है।''


उन्होंने यह भी कहा कि किसी नेता या सरकार के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग अनुचित है। सुरभि ने कहा, ''अपनी बात को मजबूती से रखें, लेकिन गाली-गलौज या अपमानजनक पोस्टर दिखाना गलत है। अगर कोई कमी है, तो उसी पर बात होनी चाहिए।''


करण शर्मा ने भी इस विषय पर अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा, ''विरोध का तरीका हमेशा मर्यादित होना चाहिए। किसी भी उच्च पद पर बैठे व्यक्ति के प्रति सम्मान बनाए रखना आवश्यक है, चाहे राजनीतिक विचार अलग क्यों न हों।''


उन्होंने कहा, ''हम अपने परिवार के सदस्यों से असहमत हो सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम उनका अपमान करें। देश में किसी भी व्यक्ति, विशेषकर प्रधानमंत्री, के पद का सम्मान होना चाहिए। विरोध करना गलत नहीं है, लेकिन उसका तरीका महत्वपूर्ण है।''


भूमि पेडनेकर ने इस मुद्दे के एक गंभीर पहलू पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने उस युवा लड़की का समर्थन किया, जो प्रदर्शन का हिस्सा थी और जिसके वायरल वीडियो के बाद उसे सोशल मीडिया पर धमकियां मिल रही हैं।


भूमि ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा, ''एक युवा लड़की का वीडियो वायरल हुआ और उसे लगातार रेप और जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। यह बिल्कुल अस्वीकार्य है।''


उन्होंने कहा, ''हम किसी लड़की को उसकी राय के कारण परेशान नहीं कर सकते। डर पैदा करना या मानसिक रूप से तोड़ना गलत है।''


भूमि ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, ''एक महिला और सार्वजनिक व्यक्ति के रूप में, मैं भी ऑनलाइन ट्रोलिंग का सामना कर चुकी हूं। ऐसी घटनाएं मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डालती हैं।''


उन्होंने लोगों से अपील की कि मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन भाषा और व्यवहार हमेशा सम्मानजनक होना चाहिए। भूमि ने कहा, ''हर भारतीय चाहता है कि देश आगे बढ़े। अगर लोग सही मुद्दों पर एकजुट होकर अपनी बात रखेंगे, तभी सकारात्मक बदलाव संभव होगा।''