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क्या सोशल मीडिया फॉलोअर्स से मिलते हैं ज्यादा मौके? अभिनेता प्रतीक चौधरी का खुलासा

अभिनेता प्रतीक चौधरी ने हाल ही में सोशल मीडिया फॉलोअर्स और एक्टिंग के महत्व पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि कैसे एक अभिनेता के फॉलोअर्स की संख्या शो की सफलता में योगदान कर सकती है, लेकिन असली सफलता अच्छे काम में निहित है। उन्होंने टाइपकास्टिंग के मुद्दे पर भी चर्चा की, यह बताते हुए कि दर्शकों के लिए एक अभिनेता को एक विशेष किरदार में देखना कितना मुश्किल हो सकता है। जानें उनके अनुभव और राय इस दिलचस्प बातचीत में।
 

प्रतीक चौधरी का सोशल मीडिया पर विचार

मुंबई, 28 अक्टूबर। टेलीविजन जगत के प्रसिद्ध अभिनेता प्रतीक चौधरी का मानना है कि आजकल शो के लिए कलाकारों का चयन करते समय निर्माता उनके सोशल मीडिया फॉलोअर्स पर ध्यान देते हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि इससे उन्हें एक तैयार ऑडियंस मिल जाती है।


प्रतीक ने कहा कि एक अभिनेता के फॉलोअर्स की संख्या जितनी अधिक होगी, शो को उतने ही अधिक दर्शक मिलने की संभावना रहती है। इस प्रकार, अभिनेता का सोशल मीडिया एक प्रकार से निर्माताओं के लिए निवेश के समान कार्य करता है।


अच्छे काम पर विश्वास

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे केवल अच्छे काम में विश्वास रखते हैं। आईएएनएस के साथ बातचीत में उन्होंने कहा, "मैं इन बातों पर विश्वास नहीं करता, बल्कि मैं समय पर विश्वास रखता हूं। अगर आपका काम अच्छा है, तो एक दिन आपका समय आएगा, चाहे आज आपका समय ठीक न हो। तब आपको अपने फॉलोअर्स की संख्या से फर्क नहीं पड़ेगा।"


एक्टिंग की प्राथमिकता

जब उनसे पूछा गया कि क्या एक अभिनेता के पास अधिक फॉलोअर्स होने पर भी औसत एक्टिंग के बावजूद ज्यादा मौके मिल सकते हैं, तो उन्होंने कहा, "इंडस्ट्री में बने रहने के लिए हर किसी को एक्टिंग आनी चाहिए। अगर आप इसमें निपुण नहीं हैं, तो आप लंबे समय तक नहीं टिक पाएंगे। एक्टिंग सबसे पहले आती है, उसके बाद लुक्स, फिटनेस और स्वास्थ्य।"


टाइपकास्टिंग पर विचार

प्रतीक ने टेलीविजन इंडस्ट्री में टाइपकास्टिंग के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा, "अभिनेता अपनी परफॉर्मेंस से दर्शकों के दिलों में एक छाप छोड़ देते हैं, जिससे लोग उन्हें एक विशेष किरदार में ही देखना पसंद करते हैं। यह स्थिति केवल टेलीविजन में नहीं, बल्कि फिल्मों में भी देखने को मिलती है।"


उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, "जब कोई अभिनेता नकारात्मक भूमिका निभाता है, जैसे अमरीश पुरी या शक्ति कपूर, तो सबसे पहले दर्शकों के दिमाग में उनका वही किरदार आता है। अगर आपने इतनी दमदार परफॉर्मेंस दी है कि दर्शक आपको दूसरे रोल में स्वीकार नहीं कर पाते, तो यह भी एक प्रकार की प्रशंसा है।"