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क्या मुकेश खन्ना का राष्ट्रगान पर विवादित बयान है सही? जानें उनके ताजा दावे

मुकेश खन्ना, जो 'शक्तिमान' के लिए प्रसिद्ध हैं, ने हाल ही में 'जन गण मन' को हटाने और 'वंदे मातरम' को नया राष्ट्रगान बनाने की मांग की है। उनके इस बयान ने एक नई बहस को जन्म दिया है। खन्ना ने राष्ट्रगान की उत्पत्ति पर सवाल उठाते हुए कई दावे किए हैं, लेकिन उनके बयान में कुछ महत्वपूर्ण गलतियां भी हैं। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और खन्ना के ताजा बयान के बारे में।
 

मुकेश खन्ना का नया बयान


प्रसिद्ध अभिनेता मुकेश खन्ना, जो 'शक्तिमान' शो के लिए जाने जाते हैं, अक्सर अपने बयानों के कारण चर्चा में रहते हैं। हाल ही में, उन्होंने भारत के राष्ट्रगान 'जन गण मन' को हटाने की मांग की है और इसके स्थान पर 'वंदे मातरम' को नया राष्ट्रगान बनाने का प्रस्ताव रखा है। उनके इस बयान ने एक नई बहस को जन्म दिया है।


राष्ट्रगान पर मुकेश खन्ना की राय

एक साक्षात्कार में, खन्ना ने राष्ट्रगान की उत्पत्ति पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि 'जन गण मन' महारानी एलिज़ाबेथ के सम्मान में लिखा गया था। उन्होंने कहा, "मैंने पहले भी कहा था कि 'वंदे मातरम' को राष्ट्रगान बनाना चाहिए। 'जन गण मन' हमारे देश का नहीं है; यह महारानी के सम्मान में लिखा गया था। रवींद्रनाथ टैगोर ने इसे उनके लिए लिखा था, और हमने इसे स्वीकार कर लिया। 'भाग्य विधाता पंजाब सिंध'... यह हमारा नहीं है; 'वंदे मातरम' हमारा है।" उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने 'वंदे मातरम' का एक नया वर्शन रिकॉर्ड किया है।


खन्ना का बड़ा दावा

खन्ना ने 'वंदे मातरम' के महत्व को भी उजागर किया। उन्होंने कहा, "'जन गण मन' को हटाकर 'वंदे मातरम' को अपनाना चाहिए। मोदीजी इस दिशा में काम कर रहे हैं। अब यह हर स्कूल और कार्यक्रम में अनिवार्य होगा। 'वंदे मातरम' को पूरा गाया जाएगा, जिसमें पहले छोड़े गए हिस्से भी शामिल होंगे।"


क्या हैं खन्ना की गलतियां?

हालांकि, खन्ना ने अपने बयान में कुछ महत्वपूर्ण गलतियां की हैं। उन्होंने 'वंदे मातरम' को राष्ट्रगान बनाने की मांग की, जबकि यह पहले से ही ऐसा है। इसके अलावा, उन्होंने 'जन गण मन' को 'जन मन गण' कहा और 'भाग्य विधाता' का गलत उच्चारण किया। मुकेश खन्ना पहले भी विवादित बयानों के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में, उन्होंने कॉमेडियन समय रैना की भाषा और कंटेंट की आलोचना की थी।