क्या मुंबई छोड़कर लोग अब शांति की तलाश में हैं? मिलिंद सोमन का दिलचस्प नजरिया
मुंबई: सपनों का शहर या शांति की तलाश?
मुंबई, 24 मार्च। आर्थिक गतिविधियों का केंद्र माने जाने वाले मुंबई को हमेशा सपनों का शहर कहा जाता रहा है। जहां पहले लोग इस शहर में बसने का सपना देखते थे, वहीं अब एक बड़ी संख्या में लोग इसे छोड़कर शांत और खुली जगहों की ओर बढ़ रहे हैं। खासकर कोविड-19 के बाद यह प्रवृत्ति और भी बढ़ गई है।
लोगों ने अपने जीवन में स्वास्थ्य और व्यक्तिगत स्थान को प्राथमिकता देना शुरू कर दिया है। इसी बदलती सोच पर अभिनेता और फिटनेस आइकन मिलिंद सोमन ने एक इंटरव्यू में अपनी राय साझा की।
मिलिंद सोमन ने कहा, ''आजकल कई लोग मुंबई छोड़ने की इच्छा रखते हैं क्योंकि उन्हें खुली और शांत जगहों की तलाश है। लोग अब भीड़-भाड़ से दूर रहना पसंद कर रहे हैं, जहां उन्हें बाग-बगिचे, पेड़-पौधे और सुकून भरा माहौल मिल सके। जिनके पास यह विकल्प है, वे शहर छोड़कर बाहर बसने का निर्णय ले रहे हैं।''
उन्होंने आगे कहा, ''कई लोग अब जमीन खरीदने और खेती की ओर भी रुख कर रहे हैं। यह केवल रहने की जगह बदलने का मामला नहीं है, बल्कि एक नई जीवनशैली अपनाने की कोशिश है। लोग अब भागदौड़ भरी जिंदगी से हटकर सरल और प्रकृति के करीब जीवन जीना चाहते हैं।''
अपने बयान में उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि मुंबई का आकर्षण आज भी बरकरार है। कुछ लोग ऐसे हैं जो इस शहर की भीड़, ऊर्जा और रोमांच को पसंद करते हैं और यहीं रहना चाहते हैं।
जब उनसे मुंबई के बदलते स्वरूप के बारे में पूछा गया, तो मिलिंद ने कहा, ''मैंने इस शहर को बहुत करीब से देखा है। पहले मुंबई छोटे-छोटे द्वीपों का समूह हुआ करती थी, लेकिन अब यह धीरे-धीरे एक बड़ा शहर बन गई है।''
उन्होंने अपने बचपन की यादों को साझा करते हुए शिवाजी पार्क का जिक्र किया और कहा कि भले ही आसपास बहुत कुछ बदल गया हो, लेकिन इस जगह की खासियत आज भी बनी हुई है।
जब उनसे पूछा गया कि शहर में सबसे बड़ा बदलाव क्या है, तो मिलिंद ने ट्रैफिक को सबसे बड़ी समस्या बताया। उन्होंने कहा, ''पहले लोगों के पास कम गाड़ियां होती थीं, लेकिन अब एक-एक परिवार में कई कारें हो गई हैं, जिससे सड़कों पर भीड़ बढ़ गई है। यह विकास का एक हिस्सा है और इसे पूरी तरह रोका नहीं जा सकता, क्योंकि हर व्यक्ति बेहतर जिंदगी और सुविधाएं चाहता है।''
मिलिंद सोमन ने कहा, ''इंटरनेट और डिजिटल दुनिया ने लोगों के लिए नए रास्ते खोले हैं। अब लोग दूर-दराज के इलाकों में रहकर भी अपना काम आसानी से कर सकते हैं। यही वजह है कि अब शहर में रहने की मजबूरी कम हो गई है और लोग अपनी पसंद के अनुसार जगह चुन पा रहे हैं।''
--