क्या ममता कुलकर्णी ने बॉलीवुड को हमेशा के लिए अलविदा कहा? जानें उनकी अद्भुत यात्रा!
ममता कुलकर्णी की अद्भुत यात्रा
मुंबई, 19 अप्रैल। शाहरुख खान, सलमान खान और आमिर खान जैसे दिग्गज सितारों के साथ काम कर चुकी ममता कुलकर्णी अब अध्यात्म की ओर बढ़ रही हैं।
अपने करियर के चरम पर, उन्होंने अचानक फिल्म इंडस्ट्री से दूरी बना ली। यह किसी के लिए भी आश्चर्य की बात थी कि 'तिरंगा', 'आशिक आवारा', 'करन-अर्जुन' और 'क्रांतिवीर' जैसी हिट फिल्मों की अभिनेत्री एक झटके में बॉलीवुड छोड़ देगी। ममता ने अपनी मां के कारण हिंदी सिनेमा से दूरी बनाई।
20 अप्रैल को एक मराठी परिवार में जन्मी ममता कुलकर्णी को हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं में दक्षता नहीं थी, फिर भी उन्होंने 90 के दशक की कई सफल फिल्मों में काम किया। हिंदी सिनेमा में कदम रखने से पहले, उन्होंने तमिल सिनेमा में अपने करियर की शुरुआत की और 1991 में 'ननबरगल' से अपनी पहली फिल्म की। इसके बाद, 1992 में तेलुगु रोमांस ड्रामा 'प्रेमा शिखराम' में भी नजर आईं।
उसी वर्ष, ममता की किस्मत ने पलटा खाया और उन्होंने अपनी पहली हिंदी फिल्म 'तिरंगा' से बॉलीवुड में कदम रखा। इस मल्टीस्टारर फिल्म में उनकी खूबसूरती और कर्ली बालों ने दर्शकों का दिल जीत लिया।
ममता ने कई बार कहा है कि उन्हें सिनेमा में काम पाने में कोई कठिनाई नहीं हुई। उन्हें जो फिल्में ऑफर होती थीं, वे उन्हें स्वीकार करने की कोशिश करती थीं।
1993 में आई 'आशिक आवारा' ने उन्हें स्टार बना दिया और इस फिल्म के लिए उन्हें 'फिल्मफेयर न्यू फेस' अवार्ड भी मिला। हालांकि, 2000 के दशक में उन्होंने अध्यात्म को अपनी नई दिशा के रूप में चुना।
एक समय ऐसा आया जब दुबई में रहने वाले अंडरवर्ल्ड ड्रग माफिया विक्की गोस्वामी के साथ उनके रिश्ते के कारण उन्हें बी-टाउन में काम मिलना मुश्किल हो गया। निर्देशक उनके साथ काम करने से कतराने लगे और 2002 में उन्होंने बॉलीवुड को अलविदा कह दिया।
एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि फिल्म इंडस्ट्री छोड़ने से पहले उन्हें 30-40 फिल्में ऑफर हुई थीं, लेकिन उनका मन समझ चुका था कि यह सब भ्रम है। उन्होंने नौ दिन तक मां की आराधना की। उनकी मां के निधन के बाद, ममता ने हिंदी सिनेमा में काम करने की इच्छा खो दी। उन्होंने कहा कि जिस सिनेमा ने उन्हें सब कुछ दिया, उसे छोड़कर वे 23 साल तक इन चीजों से दूर रहीं और उन्हें फिल्मों में वापसी का कोई शौक नहीं है।