क्या जानते हैं आप? शाहरुख खान ने अपने करियर की शुरुआत में क्यों कटवाए थे बाल!
शाहरुख खान का अनकहा किस्सा
मुंबई, 1 नवंबर। सिनेमा की दुनिया में कुछ ऐसे सितारे होते हैं, जो अपनी उपस्थिति से सब कुछ बदल देते हैं। आज शाहरुख खान को 'किंग खान' के नाम से जाना जाता है, और उनके लंबे बालों के फैंस की कमी नहीं है। लेकिन उनके करियर की शुरुआत में एक ऐसा समय आया जब उन्हें अपने बाल कटवाने का निर्णय लेना पड़ा।
यह वह समय था जब शाहरुख अभिनय की दुनिया में अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रहे थे। आज उनका सिग्नेचर हेयरस्टाइल उनकी पहचान बन चुका है, लेकिन शुरुआती दिनों में उन्हें निर्माताओं की शर्तों के आगे झुकना पड़ा। आइए जानते हैं कि यह मजबूरी क्या थी और किस प्रोजेक्ट के दौरान उन्हें यह कठिन निर्णय लेना पड़ा।
शाहरुख खान का जन्म 2 नवंबर 1965 को नई दिल्ली में एक मुस्लिम परिवार में हुआ। उन्हें रोमांस का बादशाह माना जाता है, लेकिन 90 के दशक में जब उन्होंने फिल्मों में कदम रखा, तब बड़े सितारे नकारात्मक भूमिकाएं करने से कतराते थे। शाहरुख ने 'बाज़ीगर', 'डर' और 'अंजाम' जैसी फिल्मों में विलेन का किरदार निभाकर दर्शकों में खौफ पैदा किया और फिर हीरो बनकर सबका दिल जीत लिया।
उन्होंने हंसराज कॉलेज से बीए इकोनॉमिक्स की पढ़ाई की और दिल्ली के 'थिएटर एक्शन ग्रुप' से जुड़े। प्रसिद्ध थिएटर निर्देशक बैरी जॉन के मार्गदर्शन में उन्होंने अभिनय सीखा। इसके बाद, उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया से मास कम्युनिकेशन में पीजी में दाखिला लिया, लेकिन अभिनय के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने इसे बीच में छोड़ दिया।
शाहरुख ने 1991 में अपने माता-पिता के निधन के बाद मुंबई का रुख किया, जहां उन्होंने रंगमंच पर सक्रियता दिखाई। उन्हें कैमरे के सामने अभिनय करने का पहला मौका प्रसिद्ध निर्देशक लेख टंडन ने अपने धारावाहिक 'दिल दरिया' में दिया। लेकिन इस शो में काम करने के लिए उन्हें अपने लंबे बाल कटवाने की शर्त स्वीकार करनी पड़ी।
हालांकि, शाहरुख को अपने बालों से बहुत लगाव था, लेकिन उन्होंने अपने अभिनय के जुनून के चलते यह शर्त मान ली। इस शो में उन्हें 'नंदू' का छोटा सा रोल मिला, लेकिन प्रोडक्शन में देरी के कारण 'दिल दरिया' का प्रसारण समय पर नहीं हो सका। इसके बजाय, शाहरुख को कर्नल राज कपूर के धारावाहिक 'फौजी' में काम करने का मौका मिला, जो उनके करियर का पहला ऑन-स्क्रीन डेब्यू माना जाता है।
जब शाहरुख 'फौजी' के लिए ऑडिशन देने पहुंचे, तो कर्नल कपूर को उनकी क्षमताओं पर संदेह था। लेकिन जब कैमरा चालू हुआ, तो उनकी अदाकारी ने सबका दिल जीत लिया और उनका रोल बढ़ा दिया गया। 'फौजी' की सफलता के बाद, शाहरुख रातोंरात हर घर में मशहूर हो गए।
इसके बाद, उन्हें 'सर्कस' में काम मिला और हेमा मालिनी ने उन्हें अपनी फिल्म 'दिल आशना है' में लीड हीरो के रूप में साइन किया। शाहरुख ने अपने करियर की शुरुआत में ही 'बाज़ीगर', 'डर' और 'अंजान' जैसी फिल्मों में नकारात्मक भूमिकाएं निभाकर प्रशंसा बटोरी। 'बाज़ीगर' के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला। 1995 में आई 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' ने उन्हें रोमांटिक हीरो के रूप में अमर कर दिया।