क्या एआर रहमान के बयान ने बॉलीवुड में सांप्रदायिक भेदभाव की सच्चाई को उजागर किया?
एआर रहमान का विवादास्पद बयान
मुंबई, 18 जनवरी। प्रसिद्ध भारतीय संगीतकार एआर रहमान, जो अपनी अनोखी धुनों और रचनात्मकता के लिए जाने जाते हैं, हाल ही में बॉलीवुड में सांप्रदायिक भेदभाव पर अपने विचार व्यक्त करने के बाद आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं। इस विवाद के बीच, उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा कर अपनी स्थिति स्पष्ट की।
इस वीडियो में रहमान ने अपनी भावनाओं को साझा करते हुए कहा, ''संगीत मेरे लिए हमेशा लोगों और संस्कृतियों के बीच संबंध बनाने का एक माध्यम रहा है। भारत केवल मेरा निवास स्थान नहीं है, बल्कि यह मेरी प्रेरणा और मार्गदर्शक भी है। मेरा उद्देश्य कभी किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। मुझे उम्मीद है कि लोग मेरी ईमानदारी और सच्चे इरादों को समझेंगे।''
रहमान ने आगे कहा, ''मुझे अपने भारतीय होने पर गर्व है। भारत ने मुझे वह मंच प्रदान किया है जहां मैं अपनी रचनात्मकता को स्वतंत्रता से व्यक्त कर सकता हूं। यह मुझे विभिन्न संस्कृतियों की आवाजों का सम्मान करने और संगीत के माध्यम से उन्हें जोड़ने का अवसर देता है।''
उन्होंने अपने करियर की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उल्लेख किया, जैसे कि जला प्रोजेक्ट, नागा संगीतकारों के साथ स्ट्रिंग ऑर्केस्ट्रा का निर्माण, और भारत के पहले मल्टीकल्चरल वर्चुअल बैंड 'सीक्रेट माउंटेन' की स्थापना। रहमान ने कहा, ''इन अनुभवों ने मेरे संगीत के उद्देश्य को और मजबूत किया है।''
वीडियो के अंत में, रहमान ने भारत के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा, ''मेरा संगीत हमेशा अतीत का सम्मान करेगा, वर्तमान का जश्न मनाएगा और भविष्य को प्रेरित करेगा। संगीत कभी भी किसी को चोट पहुंचाने का माध्यम नहीं रहा है, बल्कि यह लोगों को जोड़ने और सांस्कृतिक धरोहर का सम्मान करने का जरिया है।''
हाल ही में एक इंटरव्यू में, रहमान ने कहा, ''मुझे बॉलीवुड में अब कम काम मिल रहे हैं। कभी-कभी रचनात्मक निर्णय उन लोगों के हाथ में होते हैं जिनमें असली क्रिएटिविटी नहीं होती। यह कभी-कभी साम्प्रदायिक कारणों से भी हो सकता है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं होता।''