×

क्या आप जानते हैं शक्ति कपूर की प्रेम कहानी? जानिए कैसे भागकर की थी शादी!

शक्ति कपूर, बॉलीवुड के मशहूर खलनायक, की प्रेम कहानी भी किसी फिल्म से कम नहीं है। उन्होंने शिवांगी कोल्हापुरी से पहली बार 'किस्मत' के सेट पर मुलाकात की, जहां दोनों के बीच प्यार हुआ। हालांकि, शिवांगी के परिवार ने शक्ति की खलनायक छवि के कारण इस रिश्ते का विरोध किया। अंततः, प्यार की खातिर दोनों ने भागकर शादी करने का फैसला किया। जानिए इस दिलचस्प प्रेम कहानी के बारे में और कैसे उनके बच्चे ने परिवार की दूरियों को मिटाया।
 

शक्ति कपूर: बॉलीवुड के खलनायक की प्रेम कहानी


जब बात बॉलीवुड के खलनायकों की होती है, तो शक्ति कपूर का नाम सबसे पहले आता है। उन्होंने कॉमेडी में भी हाथ आजमाया है, लेकिन उनकी खलनायक की छवि ने दर्शकों में एक डर पैदा किया है। शक्ति कपूर एक आइकॉनिक विलेन माने जाते हैं, और अगर उन्होंने ऐसे किरदार नहीं निभाए होते, तो शायद उनकी पहचान इतनी मजबूत नहीं होती। हालांकि, उनके करियर ने उनकी प्रेम कहानी में बाधा डाली। शक्ति कपूर को अपने किरदारों के चलते भागकर शादी करनी पड़ी।


सेट पर हुआ प्यार

श्रद्धा कपूर के माता-पिता, शक्ति कपूर और शिवांगी कोल्हापुरी की प्रेम कहानी भी किसी फिल्म से कम नहीं है। शिवांगी की पहली मुलाकात शक्ति कपूर से उनकी पहली फिल्म 'किस्मत' के सेट पर हुई थी। पहली नजर में ही शिवांगी को शक्ति कपूर से प्यार हो गया। शक्ति कपूर भी शिवांगी के प्रति आकर्षित हो गए थे। कहा जाता है कि कई वर्षों तक ये दोनों प्रेमी-प्रेमिका दुनिया से छिपकर एक-दूसरे को डेट करते रहे। जब उन्होंने शादी करने का सोचा, तो परिवार की मंजूरी नहीं मिली।


खलनायिका की छवि के कारण परिवार का विरोध

शिवांगी कोल्हापुरी का परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था। वे नहीं चाहते थे कि उनकी बेटी शक्ति कपूर जैसे व्यक्ति से शादी करे। इसका मुख्य कारण शक्ति कपूर की खलनायक वाली छवि थी। उनकी ऑनस्क्रीन छवि ने शिवांगी के परिवार को उनसे दूर कर दिया। शिवांगी के माता-पिता ने उन्हें कमरे में बंद कर दिया, लेकिन प्यार में डूबी शिवांगी ने घर से भागने का साहस किया।


भागकर कोर्ट मैरिज का फैसला

जब परिवार ने लाख कोशिशों के बावजूद शादी के लिए सहमति नहीं दी, तो शिवांगी ने शक्ति कपूर के साथ भागकर शादी करने का निर्णय लिया। 1982 में उन्होंने शादी कर ली, लेकिन उनके परिवार ने इस रिश्ते को स्वीकार नहीं किया। हालांकि, जब उनके बेटे सिद्धांत कपूर का जन्म हुआ, तो शिवांगी की माँ ने सब कुछ भुलाकर अस्पताल में उनसे मिलने आईं। फिर जब श्रद्धा का जन्म हुआ, तो परिवार की दूरियाँ कम होती गईं। अगर शक्ति कपूर और शिवांगी कोल्हापुरी ने यह कदम नहीं उठाया होता, तो उनकी जिंदगी इतनी खुशहाल नहीं होती।