कौन हैं तपन सिन्हा? भारतीय सिनेमा के इस दिग्गज को श्रद्धांजलि
तपन सिन्हा की जयंती पर श्रद्धांजलि
मुंबई, 2 अक्टूबर। आज प्रसिद्ध फिल्म निर्माता तपन सिन्हा का जन्मदिन मनाया जा रहा है। इस अवसर पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मंत्रालय ने एक वीडियो साझा करते हुए लिखा, "दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित तपन सिन्हा आज भी सिनेमा के प्रति अपने समर्पण से प्रेरणा देते हैं। उनकी फिल्में भारतीय सिनेमा की अमूल्य धरोहर हैं।"
तपन सिन्हा का जन्म 2 अक्टूबर को कोलकाता में हुआ था। वे अपने समय के सबसे प्रतिष्ठित भारतीय फिल्म निर्देशकों में से एक माने जाते हैं। उन्होंने 1946 में कोलकाता के न्यू थिएटर्स में साउंड इंजीनियर के रूप में अपने करियर की शुरुआत की।
1950 के दशक की शुरुआत में, वे लंदन गए और पाइनवुड स्टूडियो में फिल्म निर्माण की तकनीकें सीखी। भारत लौटने के बाद, उन्होंने 1954 में नारायण गंगोपाध्याय की कहानी पर आधारित अपनी पहली फिल्म 'अंकुश' का निर्देशन किया।
सिन्हा ने रविंद्रनाथ टैगोर और अन्य महान लेखकों की कहानियों को पर्दे पर जीवंत किया। उनकी प्रसिद्ध फिल्मों में 'काबुलीवाला' (1957), 'क्षुधिता पाषाण' और 'अतिथि' शामिल हैं।
उनकी अन्य चर्चित कृतियों में 'हाटे बाजारे' (1967), 'अपांजन' (1968), और 'सगीना महतो' (1970) शामिल हैं। 'गल्पो होलो सत्यि' पर हृषिकेश मुखर्जी ने बाद में हिंदी में 'बावर्ची' बनाई।
सिन्हा ने बच्चों के लिए 'सफेद हाथी' (1978) और डॉ. सुभाष मुखोपाध्याय के जीवन पर आधारित 'एक डॉक्टर की मौत' (1990) का निर्देशन किया, जिसे दर्शकों और आलोचकों ने सराहा।
उनकी लगभग 19 फिल्मों को विभिन्न श्रेणियों में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त हुए। उनकी कृतियों को बर्लिन, वेनिस, लंदन और मास्को जैसे अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में भी सराहा गया।