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कल्पना अय्यर: उधार की साड़ी से फैशन की दुनिया की चमक तक का सफर

कल्पना अय्यर ने अपने जीवन के सफर को साझा किया है, जिसमें उन्होंने एक साधारण शुरुआत से फैशन की दुनिया में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने बताया कि कैसे एक उधार की साड़ी पहनकर ब्यूटी कॉन्टेस्ट में भाग लेने वाली एक युवा लड़की आगे चलकर एक सफल मॉडल बनी। 1975 में उनके जीवन में आए बदलावों ने उन्हें कई बड़े फैशन शो में भाग लेने का अवसर दिया। जानें उनके संघर्ष, सफलता और प्रेरणादायक यात्रा के बारे में।
 

कल्पना अय्यर का प्रेरणादायक सफर


मुंबई, 13 जुलाई। अभिनेत्री और पूर्व मॉडल कल्पना अय्यर ने अपने जीवन के उस महत्वपूर्ण पल को साझा किया, जिसने उन्हें साधारणता से उठाकर फैशन और ग्लैमर की दुनिया में एक विशेष स्थान दिलाया।


उन्होंने बताया कि कैसे एक उधार की साड़ी पहनकर ब्यूटी कॉन्टेस्ट में भाग लेने वाली एक युवा लड़की आगे चलकर फैशन की दुनिया में एक जाना-पहचाना नाम बन गई। कल्पना ने सोशल मीडिया पर अपनी पुरानी तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि 1975 उनके लिए एक बड़ा मोड़ साबित हुआ।


कल्पना ने इंस्टाग्राम पर अपनी पुरानी तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, 'नवंबर 1975 में मैंने नेवी क्वीन ब्यूटी कॉन्टेस्ट में भाग लिया था। उस समय मेरे पास प्रतियोगिता के लिए महंगे कपड़े नहीं थे। मैंने उधार की साड़ी, अलग से लिए गए ब्लाउज और पेटीकोट के साथ इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। उस समय मेरे पास केवल मेरा आत्मविश्वास, काजल, लिपस्टिक और लंबे बाल थे, जो मेरी कमर के नीचे तक आते थे।'


उन्होंने आगे लिखा, 'मैं उस प्रतियोगिता में विजेता नहीं बनी, लेकिन फर्स्ट रनर-अप जरूर रही। इसी प्रतियोगिता के दौरान मेरी मुलाकात एक ऐसी महिला से हुई, जिसने मेरी जिंदगी बदल दी। 1975 से 1978 तक मेरे जीवन में जो कुछ भी हुआ, उसमें उस महिला का बहुत बड़ा योगदान रहा।'


कल्पना ने अपनी पोस्ट में बताया, 'इसके बाद मैं लगभग हर बड़े फैशन शो का हिस्सा बनने लगीं। मेरा पहला बड़ा मौका अचानक मिला। मशहूर मॉडल टीना मुनीम के एक फैशन शो से हटने के बाद मुझे यह मौका मिला और एक हफ्ते के अंदर मुझे दिल्ली में होने वाले शो के लिए भेजा गया। इसके लिए मुझे फैशन की दिग्गजों से ट्रेनिंग और रिहर्सल कराई गई।'


उन्होंने उन सभी महिलाओं का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उन पर भरोसा किया और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दिया। उन्होंने कहा, 'इसके बाद मैंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। मेरा करियर लगातार आगे बढ़ता गया और मैं फैशन की दुनिया में एक जाना-पहचाना चेहरा बन गई।'


कल्पना ने बताया, 'इसके बाद मैंने मिस टीनएज इंटरकांटिनेंटल 1976 में हिस्सा लिया, जहां मैं फाइनलिस्ट रही और मुझे मोस्ट पॉपुलर कैंडिडेट का अवॉर्ड भी मिला। इसके बाद मैंने कई बड़े फैशन शोज किए और 1978 में मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया, जहां मैं टॉप 15 प्रतिभागियों में शामिल रही।'


उन्होंने कहा, 'उस समय मेरे पास रुकने या आराम करने का भी समय नहीं था। लगातार फैशन शोज, विज्ञापन फिल्मों, एड कैंपेन और दूसरे प्रोजेक्ट्स के कारण मेरा जीवन काफी व्यस्त हो गया था। मैंने कभी किसी के साथ एक्सक्लूसिव कॉन्ट्रैक्ट साइन नहीं किया और हर काम को पूरी खुशी और आत्मविश्वास के साथ किया।'


कल्पना ने अपने करियर के 1975 से 1979 के समय को अपनी जिंदगी का सबसे पसंदीदा दौर बताया। उन्होंने कहा, 'उस समय मैंने जो कुछ हासिल किया, वह किसी सपने से कम नहीं था। इस सफर ने मुझे और मेरे परिवार को आर्थिक मजबूती, आत्मविश्वास और खुशियां दीं।'


अंत में, कल्पना अय्यर ने उन सभी लोगों का धन्यवाद किया, जिन्होंने उनके सफर में उनका साथ दिया।