कन्हैया मित्तल ने खाटू श्याम बाबा की आस्था और एआई के प्रभाव पर की खुलकर चर्चा
कन्हैया मित्तल का अलवर दौरा
अलवर, 10 सितंबर। भजन गायक कन्हैया मित्तल एक बार फिर अपने बयानों के कारण सुर्खियों में हैं। राजस्थान के अलवर में उन्होंने खाटू श्याम बाबा के प्रति लोगों की आस्था, अपने विवादित विचार, सामाजिक समानता, यूजीसी के नियमों और भारतीय संस्कृति पर एआई के प्रभाव जैसे कई मुद्दों पर खुलकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि सच बोलने पर विवाद होना सामान्य है, क्योंकि यह कई लोगों को कड़वा लग सकता है।
एआई और मानवीय भावनाएं
कन्हैया ने बताया कि आज के समय में एआई की आवश्यकता है, लेकिन इंसानी भावनाओं को इसके स्थान पर रखना चिंताजनक है। उन्होंने खाटू श्याम बाबा को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने का अपना सपना साझा किया और राजनीति में आने की इच्छा भी व्यक्त की।
खाटू श्याम बाबा के प्रति लोगों का उत्साह
अलवर में खाटू श्याम बाबा के प्रति लोगों की आस्था के बारे में बात करते हुए कन्हैया ने कहा, 'जब भी मैं अलवर आता हूं, यहां के लोगों में बाबा के प्रति एक विशेष उत्साह देखने को मिलता है। खाटू श्याम बाबा का नाम सुनते ही लोग जोर से जयकारे लगाते हैं। यह उत्साह अलवर से जयपुर तक सुनाई देता है।'
सामाजिक समानता पर विचार
अपने बयानों के विवादित होने के बारे में कन्हैया ने कहा, 'सच्चाई बोलने पर विवाद होना स्वाभाविक है। अगर कोई व्यक्ति सच बोलता है, तो वह कुछ लोगों को कड़वा लग सकता है। लोगों को अपने कर्म अच्छे रखने चाहिए और ऐसी बातें करनी चाहिए जो समाज के लिए लाभकारी हों।'
यूजीसी के नियमों पर कन्हैया की राय
यूजीसी के नियमों और सामाजिक समानता पर कन्हैया ने कहा, 'सरकार को किसी को बांटने का काम नहीं करना चाहिए। समाज में सभी लोग एक ही बगीचे के फूल हैं। भेदभाव के कारण पिछड़े वर्ग के लोगों के साथ अन्याय हुआ है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि अब किसी अन्य वर्ग के साथ अन्याय हो।'
सवर्ण बच्चों की चिंता
कन्हैया ने सवर्ण बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, 'अगर किसी सवर्ण जाति का बच्चा किसी कक्षा में पढ़ रहा है और उस पर आरोप लग जाता है, तो उसके भविष्य पर असर पड़ सकता है। किसी व्यक्ति का जाति में जन्म लेना उसकी गलती नहीं है।'
भारतीय संस्कृति और एआई
भारतीय संस्कृति पर एआई के प्रभाव को लेकर कन्हैया ने चिंता जताई। उन्होंने कहा, 'आज की पीढ़ी और एआई दोनों ही चर्चा का विषय हैं। अगर कोई व्यक्ति अपने माता-पिता से सलाह लेने के बजाय एआई से सलाह लेता है, तो यह चिंताजनक है। तकनीक का उपयोग ठीक है, लेकिन रिश्तों और भावनाओं की जगह मशीन नहीं ले सकती।'
खाटू श्याम बाबा को वैश्विक पहचान दिलाने का सपना
कन्हैया ने कहा, 'मेरा सबसे बड़ा सपना खाटू श्याम बाबा को विश्व स्तर पर पहचान दिलाना है। मैं चाहता हूं कि हर व्यक्ति, चाहे वह गरीब हो या अमीर, बाबा के दर्शन कर सके।' इसके अलावा, उन्होंने राजनीति में आने की इच्छा भी व्यक्त की।
राजनीति में आने की इच्छा
राजनीति में आने के सवाल पर कन्हैया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने युवाओं से देश के लिए काम करने की अपील की थी। कन्हैया ने कहा, 'अगर किसी को लगता है कि उसे आगे आकर काम करना चाहिए, तो वह राजनीति में आ सकता है।'