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कंवर ढिल्लों ने फादर्स डे पर साझा की अपने पिता की प्रेरणादायक कहानियाँ

टीवी इंडस्ट्री के मशहूर अभिनेता कंवर ढिल्लों ने फादर्स डे के अवसर पर अपने पिता के प्रति अपनी भावनाएँ साझा की हैं। उन्होंने बताया कि कैसे उनके पिता ने उन्हें आत्मनिर्भरता और मेहनत का महत्व सिखाया। कंवर ने अपने बचपन की यादों को ताजा करते हुए बताया कि उनके पिता ने हमेशा अनुशासन और वास्तविक जीवन के अनुभवों को प्राथमिकता दी। इस लेख में कंवर की प्रेरणादायक बातें और उनके पिता के प्रति सम्मान को जानें।
 

कंवर ढिल्लों का पिता के प्रति सम्मान


मुंबई, 19 जून। 21 जून को मनाए जाने वाले फादर्स डे के अवसर पर, प्रसिद्ध टीवी अभिनेता कंवर ढिल्लों ने अपने पिता के साथ जुड़ी कुछ प्रेरणादायक बातें साझा की हैं। उन्होंने बताया कि उनके पिता ने हमेशा उन्हें आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।


कंवर ने कहा, ''मेरे पिता ने मुझे कभी भी शॉर्टकट नहीं सिखाए और न ही अपने नाम का इस्तेमाल करके मुझे काम दिलाने की कोशिश की। करियर की शुरुआत में, मुझे इस सोच का महत्व समझ में नहीं आता था। कई बार मुझे लगता था कि अगर थोड़ी मदद मिल जाए तो सब कुछ आसान हो जाएगा, लेकिन समय के साथ मैंने जाना कि यह निर्णय मेरे लिए कितना महत्वपूर्ण था। यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा सबक था। जब आप अपनी सफलताओं और असफलताओं की जिम्मेदारी खुद लेते हैं, तभी असली सीख मिलती है और आप मजबूत बनते हैं।''


उन्होंने आगे कहा, ''मेहनत से मिली सफलता हमेशा टिकाऊ होती है और उसमें आत्म-संतोष भी अधिक होता है।''


कंवर ने अपने बचपन को याद करते हुए बताया, "मेरे पिता ने हमेशा मुझे अनुशासन में रखा। मुझे बचपन में मोबाइल फोन और अन्य गैजेट्स नहीं दिए जाते थे, ताकि मैं पढ़ाई और खेल पर ध्यान केंद्रित कर सकूं। उनका मानना था कि बच्चों को तकनीक से ज्यादा वास्तविक जीवन के अनुभवों से सीखना चाहिए। इसी कारण मैं और मेरा भाई खेलों में भाग लेते थे। उनकी सख्त, लेकिन संतुलित परवरिश ने हमारे व्यक्तित्व को मजबूत बनाया।"


अभिनेता ने कहा, ''मेरे पिता हमेशा यह सिखाते थे कि गिरना और चोट लगना गलत नहीं है, बल्कि असली सीख तब मिलती है जब इंसान गिरकर फिर से उठता है। इस सोच ने मुझे मानसिक रूप से मजबूत बनाया और कठिन समय में हार न मानने की प्रेरणा दी। आज मैं जहां भी हूं, उसमें मेरे पिता की शिक्षाओं का बड़ा योगदान है।''


कंवर ने कहा, "मैं चाहता हूं कि मैं भी अपने पिता की तरह एक अच्छा पारिवारिक व्यक्ति बनूं, जो अपने परिवार की पूरी जिम्मेदारी निभाए। मेरे पिता हमेशा परिवार को प्राथमिकता देते हैं और हर सदस्य का ध्यान रखते हैं। मैंने उन्हें बचपन से कड़ी मेहनत करते देखा है। वह कई शिफ्टों में काम करते थे और अक्सर लंबे समय तक घर से दूर रहते थे, ताकि हमें बेहतर जीवन मिल सके।"


उन्होंने कहा, ''मेरे पिता ने बहुत सीमित संसाधनों के साथ अपनी जिंदगी की शुरुआत की थी। वह केवल सौ रुपए लेकर मुंबई आए थे और धीरे-धीरे मेहनत और लगन से अपने परिवार के लिए एक अच्छा जीवन बनाया।''


फादर्स डे के मौके पर जब उनसे पूछा गया कि वह अपने पिता को क्या संदेश देना चाहेंगे, तो कंवर ने कहा कि वह अपने पिता से बस इतना कहना चाहेंगे कि हमें उन पर गर्व है और हम उनसे बहुत प्यार करते हैं। मैं चाहता हूं कि अब आप थोड़ा आराम करें और जिंदगी को खुलकर एंजॉय करें।