कंगना रनौत का Gen-Z पर नया नजरिया: 'कचरा पीढ़ी' से 'देश की धरोहर' तक का सफर
कंगना का बदला हुआ दृष्टिकोण
बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत ने हाल ही में अपने विचारों में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के संदर्भ में, उन्होंने पहले Gen-Z को "कचरा पीढ़ी" कहा था, लेकिन अब उन्हें "देश की धरोहर" मानने लगी हैं। यह परिवर्तन तब आया जब RSS प्रमुख मोहन भागवत ने मुंबई में Gen-Z और Gen-Alpha के साथ एक घंटे की बातचीत की। भागवत ने इस युवा पीढ़ी की देशभक्ति और ईमानदारी की सराहना की, जिसके बाद कंगना ने भी उनकी प्रशंसा की।
मोहन भागवत की बातचीत का प्रभाव
गुरुवार को युवा पीढ़ी के साथ संवाद के बाद, भागवत ने कहा कि सरकार को Gen-Z की आवाज़ सुननी चाहिए। उन्होंने बताया कि संवाद की कमी के कारण ही जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन हुआ। जब संसद में पत्रकारों ने कंगना से इस विषय पर सवाल किया, तो उन्होंने कहा, "Gen-Z हमारी सबसे बड़ी ताकत है, और हमें उन पर गर्व है।"
कंगना का युवा पीढ़ी के प्रति सम्मान
कंगना ने कहा, "युवा हमारी संस्कृति के एंबेसडर हैं। हमें गर्व है कि देश के युवा हमारे साथ हैं। वे हमारी संस्कृति की पहचान बन रहे हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि Gen-Z का जनादेश ही सरकार को लंबे समय तक सत्ता में बनाए रखने में मददगार रहा है।
कंगना का विवादास्पद बयान
हालांकि, कंगना ने एक हफ्ते पहले Gen-Z को 'गटर जनरेशन' कहा था। इस बदलाव ने सभी को चौंका दिया है। पहले उन्होंने युवा हिंदू महिलाओं के बारे में भी विवादास्पद टिप्पणियाँ की थीं, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे स्वतंत्रता का दिखावा करती हैं लेकिन असल में स्वतंत्र नहीं हैं।
Gen-Z पर कंगना की नई सोच
कंगना ने कहा, "कुछ लोग Gen-Z की छवि खराब करते हैं, लेकिन हमें उन पर गर्व होना चाहिए।" उन्होंने यह भी कहा कि आज के युवा न केवल विरोध प्रदर्शनों में भाग ले रहे हैं, बल्कि देश के लिए मेडल भी जीत रहे हैं।