ईशा कोप्पिकर ने 'अंधभक्त' टैग पर दिया करारा जवाब, देशभक्ति पर की बात
ईशा कोप्पिकर का देशभक्ति पर जोरदार बयान
मुंबई, 18 अगस्त। अभिनेत्री ईशा कोप्पिकर ने हाल ही में उन्हें 'अंधभक्त' कहे जाने पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि अपने देश से प्रेम करना और उस पर विश्वास करना 'अंधभक्ति' है, तो वह इस लेबल को गर्व से स्वीकार करती हैं।
ईशा ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने देशभक्ति, राष्ट्रवाद और देश के प्रति योगदान देने की आवश्यकता पर चर्चा की। उन्होंने कहा, "अगर अपने देश से प्रेम करना, भारत पर विश्वास करना और उसकी प्रगति की कामना करना भक्ति है, तो मुझे भक्त कहिए, अंधभक्त कहिए। लेकिन मेरी भक्ति किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं, बल्कि अपने देश, अपने भारत के लिए है। राष्ट्र पहले आता है।"
अभिनेत्री ने आगे कहा, "एक व्यक्ति को उस स्थान का सम्मान करना चाहिए जहां वह रहता है और उसे बेहतर बनाने में योगदान देना चाहिए। केवल यह कहना कि हमें अपने देश से प्रेम है, असली देशभक्ति नहीं है। असली देशभक्ति तब होती है जब कोई अपने कार्यों से देश को आगे बढ़ाने की कोशिश करता है।"
ईशा ने बच्चों का उदाहरण देते हुए कहा, "दो प्रकार के बच्चे होते हैं। एक ऐसा बच्चा जो हमेशा यह सोचता है कि उसके माता-पिता ने उसे क्या दिया और दूसरा बच्चा जो उन चीजों को अपने तक सीमित नहीं रखता, बल्कि अपने माता-पिता की जिंदगी को भी बेहतर बनाने की कोशिश करता है।"
उन्होंने कहा, "इन दोनों के बीच का अंतर सिर्फ परिस्थितियों का नहीं, बल्कि सोच का है। हमें देश के लिए भी इसी सोच को बदलने की आवश्यकता है। हमें यह नहीं पूछना चाहिए कि देश ने हमें क्या दिया, बल्कि यह सोचना चाहिए कि हम देश को क्या दे सकते हैं।"
अभिनेत्री ने कहा, "भारत बदल रहा है और अब समय आ गया है कि लोगों की सोच भी बदले। मैं सभी से अपील करती हूं कि वे नए भारत के निर्माण में भाग लें। मुझे भक्त कहिए, अंधभक्त कहिए या राष्ट्रवादी कहिए, मैं अपने विचारों से पीछे नहीं हटूंगी।"
वीडियो के अंत में ईशा ने अपने देश के प्रति अपने प्रेम को दोहराते हुए कहा, "मैं अपने देश से प्रेम करती हूं और भारत पर विश्वास करती हूं। जय हिंद।"
ईशा ने वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा, "अगर भारत से प्यार करना 'अंधभक्ति' है, तो मैं इस पहचान को गर्व से अपनाती हूं। मैं जो गलत लगता है, उस पर सवाल उठाती हूं और जो सही लगता है, उसकी सराहना भी करती हूं। मेरे लिए मेरा देश सबसे ऊपर रहेगा।"