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इमरान हाशमी ने इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल में अपनी नई सीरीज 'तस्करी' का किया प्रमोशन

अहमदाबाद में चल रहे इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल 2026 में अभिनेता इमरान हाशमी ने अपनी नई सीरीज 'तस्करी' का प्रमोशन किया। उन्होंने इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी और गुजरात टूरिज्म की सराहना की। इमरान ने बताया कि उनकी सीरीज 14 जनवरी को नेटफ्लिक्स पर रिलीज होगी, जो अंतरराष्ट्रीय तस्करी पर आधारित है। उन्होंने फेस्टिवल की सुंदरता और वहां की सांस्कृतिक विविधता की भी प्रशंसा की। जानें और क्या कुछ कहा इमरान ने इस खास मौके पर।
 

इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल में इमरान हाशमी की उपस्थिति




अहमदाबाद में चल रहे इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल 2026 का माहौल बेहद रंगीन और उत्साह से भरा हुआ है। इस अद्भुत अवसर पर अभिनेता इमरान हाशमी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।


इमरान हाशमी अपनी नई सीरीज 'तस्करी' की पूरी कास्ट के साथ प्रमोशन के लिए आए थे। इस दौरान उन्होंने बातचीत में कहा, "मैं प्रधानमंत्री मोदी और गुजरात टूरिज्म को बधाई देना चाहता हूं। यह मेरा पहला दौरा है, लेकिन अहमदाबाद में शूटिंग और प्रमोशन के लिए मैं कई बार आ चुका हूं।"


अभिनेता ने वहां के वातावरण और सांस्कृतिक धरोहर की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, "यहां पर फूल देश के विभिन्न हिस्सों से आए हैं। यह फेस्टिवल इतना जीवंत और रंग-बिरंगा है कि यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है।"


इमरान ने अपनी आगामी सीरीज के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया, "मेरी वेब सीरीज 'तस्करी' 14 जनवरी को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो रही है। यह एक 7-भाग की सीरीज है, जो अंतरराष्ट्रीय तस्करी और स्मगलिंग पर आधारित है। इसमें फ्लाइट्स और विभिन्न स्थानों पर होने वाली तस्करी की कहानियाँ दिखाई जाएंगी। मुझे लगता है कि इस विषय पर इससे पहले कोई फिल्म या सीरीज नहीं बनी है। हमारे कस्टम अधिकारी बहुत मेहनत करते हैं, लेकिन उनके योगदान को पहले कभी नहीं दिखाया गया।"


इसके अलावा, इमरान ने अपनी आने वाली फिल्मों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा, "इसके बाद मेरी तीन फिल्में रिलीज होंगी। पहले 'आवारापन 2', फिर 'गनमास्टर', और अंत में एक तेलुगु फिल्म।"


पतंगबाजी के बारे में पूछे जाने पर इमरान ने कहा, "मैं बचपन में बहुत पतंग उड़ाता था, लेकिन अब कई साल हो गए हैं। हाल ही में मैंने अपनी फिल्म 'हक' में एक शॉट के दौरान पतंग उड़ाई थी, जिससे पुरानी यादें ताजा हो गईं। स्कूल के दिनों में बहुत पतंग उड़ाते थे। यहां पर थोड़ी कोशिश जरूर करूंगा।"


उन्होंने फेस्टिवल की सुंदरता पर भी चर्चा की और कहा कि यहां 40 से 50 देशों से लोग और काइट फ्लाइंग विशेषज्ञ आए हैं। यह एक बड़ा सांस्कृतिक संगम है, जो भारत की संस्कृति को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दे रहा है।