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इंडिगो की उड़ान में आकाशीय बिजली का कहर: पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा!

बुधवार को पटना से लखनऊ जा रही इंडिगो की फ्लाइट खराब मौसम में आकाशीय बिजली की चपेट में आ गई। विमान के नोज़ को नुकसान हुआ, लेकिन पायलट ने कुशलता से विमान को सुरक्षित लैंड किया। सभी 150 यात्री सुरक्षित हैं। लैंडिंग के बाद विमान को तकनीकी जांच के लिए रोका गया और यात्रियों को दूसरे विमान से आगे की यात्रा के लिए रवाना किया गया। जानें इस घटना के बारे में और क्या हुआ!
 

खराब मौसम में आई आकाशीय बिजली की चपेट में विमान

बुधवार शाम को पटना से लखनऊ जा रही इंडिगो एयरलाइंस की एक फ्लाइट खराब मौसम के चलते आकाशीय बिजली की चपेट में आ गई। यह घटना उस समय हुई जब विमान लगभग 17,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ान भर रहा था। बिजली गिरने से विमान के नोज़ में क्षति आई, लेकिन पायलट ने अपनी कुशलता से विमान को लखनऊ एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड करवा दिया। सभी 150 यात्री सुरक्षित हैं।


17,000 फीट की ऊंचाई पर बिजली गिरने की घटना

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एयरपोर्ट के सूत्रों के अनुसार, इंडिगो का यह विमान खराब मौसम में उड़ान भर रहा था, जब यह आकाशीय बिजली की चपेट में आया। बिजली गिरने से विमान के अगले हिस्से को नुकसान हुआ।


सुरक्षित लैंडिंग के लिए पायलट की कुशलता

पायलट ने स्थिति को संभालते हुए विमान को सुरक्षित रूप से लखनऊ एयरपोर्ट पर उतारा। विमान को शाम लगभग 4 बजे लैंड किया गया, जबकि इसकी निर्धारित समय पर पहुंचने की उम्मीद 4:20 बजे थी।


तकनीकी जांच के लिए विमान को रोका गया

लैंडिंग के बाद, विमान को तकनीकी जांच के लिए एयरपोर्ट पर रोक दिया गया। इंजीनियरों की टीम विमान के क्षतिग्रस्त हिस्से और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है। यह तय किया जाएगा कि विमान को आगे की उड़ान के लिए सुरक्षित माना जा सकता है या नहीं। आकाशीय बिजली की घटना के बाद यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इंडिगो ने उनके लिए दूसरे विमान की व्यवस्था की।


दूसरे विमान से यात्रियों को भेजा गया

विमान में सवार सभी 150 यात्रियों को दूसरे विमान से उनकी आगे की यात्रा के लिए रवाना किया गया। जानकारी के अनुसार, यात्रियों को शाम 6:22 बजे अहमदाबाद के लिए भेजा गया। इस दौरान उन्हें विमान बदलने के कारण कुछ समय तक एयरपोर्ट पर इंतजार करना पड़ा, लेकिन सभी को सुरक्षित दूसरे विमान में बैठाकर आगे भेज दिया गया।


पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

खराब मौसम के बीच 17,000 फीट की ऊंचाई पर विमान के आकाशीय बिजली की चपेट में आने के बावजूद पायलट ने स्थिति को संभाला। विमान के अगले हिस्से में नुकसान होने के बावजूद सुरक्षित लैंडिंग कराना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। फिलहाल इंजीनियरों की टीम क्षतिग्रस्त विमान की विस्तृत जांच कर रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि विमान को कितना नुकसान हुआ है और इसे दोबारा उड़ान के लिए कब तक तैयार किया जा सकता है। इस घटना में किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है।