आशा भोसले को अंतिम विदाई: संगीत की रानी का निधन
आशा भोसले का अंतिम संस्कार
प्रसिद्ध गायिका आशा भोसले को 13 अप्रैल, 2026 को शाम 5:18 बजे मुंबई के शिवाजी पार्क श्मशान घाट में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनके बेटे आनंद भोसले ने चिता को अग्नि दी। इस महान गायिका का 92 वर्ष की आयु में निधन हुआ। आशा भोसले ने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली, जहां उन्हें शनिवार शाम को सीने में संक्रमण और थकान के कारण भर्ती कराया गया था। रविवार को कई अंगों के विफल होने के कारण उनका निधन हो गया।
अंतिम श्रद्धांजलि
रविवार शाम को आशा ताई का पार्थिव शरीर उनके मुंबई स्थित घर पर लाया गया, जहां कई मशहूर हस्तियों और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी। परिवार ने सोमवार को सुबह 11:00 बजे लोअर परेल स्थित उनके आवास, कासा ग्रांडे में अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव शरीर रखा। इसके बाद, दोपहर में उन्हें श्मशान घाट ले जाया गया।
जनता का प्यार
आशा भोसले की अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए। पार्थिव शरीर को लोअर परेल से शिवाजी पार्क ले जाते समय लोग अपने घरों की छतों और खिड़कियों से नम आंखों से विदाई दे रहे थे। सैकड़ों लोग उस वाहन के साथ चल रहे थे जिसमें महान गायिका की ‘निष्प्राण देह’ रखी थी। वाहन को आशा के पसंदीदा सफेद और पीले फूलों से सजाया गया था, जिस पर उनकी एक बड़ी तस्वीर लगी हुई थी।
संगीत की अमर धरोहर
शिवाजी पार्क वही स्थान है जहां आशा भोसले की बहन लता मंगेशकर का अंतिम संस्कार किया गया था। लता का निधन भी 92 वर्ष की आयु में हुआ था। भोसले के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए कांच के ताबूत में रखा गया था, जो तिरंगे में लिपटा हुआ था। इस दौरान उनके सदाबहार गीतों की धुनें बज रही थीं, जो इस बात की याद दिलाती हैं कि भले ही वह हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके गीत हमेशा जीवित रहेंगे।