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आयुष्मान खुराना की नई फिल्म 'पति पत्नी और वो दो' का ट्रेलर: क्या है विवाद का कारण?

आयुष्मान खुराना की नई फिल्म 'पति पत्नी और वो दो' का ट्रेलर रिलीज होते ही विवादों में घिर गया है। कुछ यूजर्स ने इसे शादी में धोखाधड़ी को हल्के-फुल्के तरीके से दिखाने का आरोप लगाया है। फिल्म के विषय पर तीखी बहस छिड़ गई है, जिसमें एक पक्ष इसे मनोरंजन का हिस्सा मान रहा है, जबकि दूसरा इसे सामाजिक मुद्दे पर गलत प्रस्तुति बता रहा है। जानें इस विवाद के पीछे की कहानी और फिल्म के कलाकारों की प्रतिक्रियाएँ।
 

फिल्म का ट्रेलर और विवाद


आयुष्मान खुराना की आगामी फिल्म ‘पति पत्नी और वो दो’ का ट्रेलर जारी होते ही विवादों में आ गया है। सोशल मीडिया पर इस फिल्म को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है, जिसमें कुछ यूजर्स ने इसे शादी में धोखाधड़ी को हल्के-फुल्के और मनोरंजक तरीके से पेश करने का आरोप लगाया है। ट्रेलर के बाद एक समूह का मानना है कि फिल्म का विषय समाज में गलत संदेश दे सकता है। आलोचकों का कहना है कि फिल्म में एक विवाहित पुरुष के अन्य महिलाओं के साथ संबंधों को जिस तरह से दर्शाया गया है, वह वैवाहिक विश्वास और रिश्तों की गंभीरता को कमजोर कर सकता है।


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कुछ लोगों का यह भी कहना है कि ऐसी कहानियाँ दर्शकों, विशेषकर युवाओं को प्रभावित कर सकती हैं और उन्हें रिश्तों में बेवफाई को सामान्य या स्वीकार्य समझने के लिए प्रेरित कर सकती हैं। इसी कारण फिल्म पर “चीटिंग को ग्लोरिफाई करने” का आरोप लगाया जा रहा है। विवाद के बढ़ने पर, फिल्म के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में आयुष्मान खुराना और रकुल प्रीत सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया दी। आयुष्मान ने कहा कि उनका किरदार “ग्रीन फ्लैग” है और कहानी किसी भी तरह से धोखा देने या बेवफाई को बढ़ावा नहीं देती।


उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिल्म का उद्देश्य समाज को गलत दिशा में ले जाना नहीं है, बल्कि रिश्तों की जटिलताओं को हल्के-फुल्के अंदाज में प्रस्तुत करना है, ताकि दर्शक मनोरंजन के साथ एक संदेश भी ग्रहण कर सकें। रकुल प्रीत सिंह ने भी इस विवाद पर अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा कि फिल्म को गलत नजरिए से नहीं देखना चाहिए, क्योंकि इसका उद्देश्य केवल एक काल्पनिक कहानी के माध्यम से मनोरंजन करना है।


यह ध्यान देने योग्य है कि फिल्म का टीजर रिलीज होने के बाद से ही इस विषय पर चर्चा शुरू हो गई थी, लेकिन ट्रेलर आने के बाद यह विवाद और बढ़ गया है। वर्तमान में सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर दो धड़े बन गए हैं—एक पक्ष फिल्म को मनोरंजन का हिस्सा मान रहा है, जबकि दूसरा इसे सामाजिक रूप से संवेदनशील मुद्दे पर गलत प्रस्तुति बता रहा है।