अनुपम खेर ने साझा किया पिता-पुत्र के रिश्ते का सफर, क्या आप भी महसूस करते हैं ऐसा?
पिता-पुत्र के रिश्ते की गहराई
मुंबई, 2 दिसंबर। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के मशहूर अभिनेता अनुपम खेर ने हाल ही में सोशल मीडिया पर अपने जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने पिता और पुत्र के रिश्ते पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने इस रिश्ते की जटिलताओं को उम्र के विभिन्न चरणों में समझाया।
अनुपम ने बताया कि कैसे बचपन से लेकर युवा अवस्था तक, बेटे का अपने पिता के प्रति नजरिया बदलता है।
वीडियो में उन्होंने कहा, "आज का विषय है 'पिता से कभी बहस मत करो'। 5 और 7 साल की उम्र में हमें लगता है कि पापा सब कुछ जानते हैं। लेकिन जैसे-जैसे हम बड़े होते हैं, 10 साल की उम्र में हमें उन पर शक होने लगता है कि शायद वे सब कुछ नहीं जानते। 14 साल की उम्र में हमें लगता है कि पापा को कुछ नहीं पता। 16 में, वे हमें पागल लगते हैं। 18 साल की उम्र में हम सोचते हैं कि पापा सही निर्णय नहीं ले सकते।"
उन्होंने आगे कहा कि 25 साल की उम्र में पापा की बातें बकवास लगती हैं, लेकिन 30 में हमें एहसास होता है कि शायद पापा कुछ सही कहते थे। 40 साल की उम्र में हम हैरान होते हैं कि पापा ने जीवन में कितनी कठिनाइयों का सामना किया। 45 साल की उम्र में हमें समझ आता है कि पापा हमेशा सही थे, और 50 तक आते-आते हम सोचते हैं कि काश पापा आज होते, तो उनसे कुछ सीखने को मिलता।
अभिनेता ने अंत में कहा, "पिता का अनुभव कभी गलत नहीं होता, इसलिए उनसे बहस नहीं करनी चाहिए। बस चुप रहना चाहिए या वहां से चले जाना चाहिए और उनके सम्मान को बनाए रखना चाहिए, क्योंकि पापा सब कुछ जानते हैं।"
वीडियो के साथ उन्होंने लिखा, "पापा सब जानते हैं" से लेकर "पापा कुछ नहीं जानते... और फिर पापा सब जानते थे... इन भावनाओं का एहसास करते हमारी उम्र गुजर जाती है। मैंने उम्र के अनुसार पिता के प्रति हमारी सोच को समझाने की कोशिश की है। आप अपने अनुभव से बताएं कि मैं कितनी सच्चाई के करीब हूं? जय हो।"