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71 साल की उम्र में अनुपम खेर ने रॉक क्लाइंबिंग से जीती चुनौती, जानें क्या कहा!

अनुपम खेर ने हाल ही में अमेरिका के नॉर्थ कैरोलाइना में 35 फीट ऊंची दीवार पर रॉक क्लाइंबिंग की। इस साहसिकता के दौरान उन्होंने अपने अनुभव को साझा किया, जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे संदेह के बावजूद उन्होंने चुनौती का सामना किया। 71 साल की उम्र में, उन्होंने अपनी आंतरिक शक्ति को पहचानने का प्रयास किया और अपने जज्बे की जीत का जश्न मनाया। जानें उनके प्रेरणादायक अनुभव के बारे में।
 

अनुपम खेर की साहसिक यात्रा

मुंबई, 1 अक्टूबर। अभिनेता अनुपम खेर इन दिनों विदेश यात्रा पर हैं। हाल ही में, उन्होंने अमेरिका के नॉर्थ कैरोलाइना के रैले में एक मॉल की 35 फीट ऊंची दीवार पर रॉक क्लाइंबिंग का अनुभव लिया।


इस साहसिकता का वीडियो उन्होंने इंस्टाग्राम पर साझा किया, जिसमें उन्होंने बताया कि जब उन्होंने देखा कि कई लोग ऊपर तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, तो उन्हें भी संदेह हुआ कि क्या वे इसे कर पाएंगे। लेकिन अपने प्रशिक्षक के प्रोत्साहन से उन्होंने प्रयास करने का निर्णय लिया। उन्होंने लिखा, "मानव जज्बे की जीत।"


अनुपम ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा, "कभी-कभी हम किसी चुनौती को देखकर पहले से ही यह तय कर लेते हैं कि हम इसे नहीं कर सकते। आज मैं उस दीवार के सामने खड़ा था, जिस पर लोग चढ़ाई कर रहे थे। मैंने देखा कि अधिकांश लोग ऊपर नहीं पहुंच पा रहे थे।"


उन्होंने आगे बताया कि इस चुनौती ने उन्हें शिमला की पहाड़ियों पर चढ़ने वाले एक लड़के की याद दिलाई। जब उनके प्रशिक्षक हरमन ने उन्हें प्रयास करने के लिए कहा, तो उन्होंने खुद पर संदेह किया। लेकिन फिर उन्होंने सोचा, "चलो, कोशिश करते हैं। अब 71 साल हो गए हैं, तो क्या हुआ।"


अनुपम ने कहा कि जैसे-जैसे वे चढ़ाई कर रहे थे, उनकी हिचकिचाहट कम नहीं हुई। सुरक्षा के लिए बेल्ट बंधी होने के बावजूद, हर कदम पर उन्हें खुद को उठाना पड़ा। ऊपर देखना एक बात थी, लेकिन एक-एक पकड़ बनाते हुए वहां तक पहुंचना दूसरी बात थी।


उन्होंने बताया कि 35 फीट ऊंची दीवार पर रॉक क्लाइंबिंग करने का उनका उद्देश्य अपनी आंतरिक शक्ति का आकलन करना था। जब वे सबसे ऊपर पहुंचे, तो उन्हें गर्व महसूस हुआ। उन्होंने कहा, "यह मानव जज्बे की जीत है। हमारे मन में कई संभावनाएं छिपी होती हैं, जिन्हें हम संदेह के कारण कभी आजमाते नहीं।"


अनुपम ने अंत में कहा, "आज 71 साल की उम्र में जब मैं उस दीवार से उतरा, तो मैंने अपनी क्षमताओं पर और भरोसा किया। हमें खुद को यह मौका जरूर देना चाहिए।"