हेमा मालिनी की 'ड्रीम गर्ल' पहचान: कैसे बनीं बॉलीवुड की आइकन?
हेमा मालिनी का अनोखा सफर
मुंबई, 5 जुलाई। बॉलीवुड की मशहूर अदाकारा हेमा मालिनी को आज भी 'ड्रीम गर्ल' के नाम से जाना जाता है। फैंस का मानना है कि यह उपनाम उन्हें 1977 में आई फिल्म 'ड्रीम गर्ल' के कारण मिला। लेकिन असल में, यह नाम उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने से पहले ही मिल गया था।
जब उनकी पहली हिंदी फिल्म रिलीज भी नहीं हुई थी, तब एक निर्माता ने उन्हें 'ड्रीम गर्ल' के रूप में पेश करना शुरू कर दिया था। कई सालों बाद, हेमा ने इस दिलचस्प कहानी का खुलासा किया कि कैसे एक निर्माता की सोच ने उनकी पहचान को आकार दिया।
हेमा मालिनी ने यह जानकारी कॉमेडियन कपिल शर्मा के शो 'द कपिल शर्मा शो' में साझा की। उन्होंने बताया, ''जब मेरी पहली हिंदी फिल्म 'सपनों का सौदागर' रिलीज होने वाली थी, तब निर्माता बी. आनंदस्वामी ने प्रमोशन के लिए एक अनोखी रणनीति बनाई। उन्होंने हर जगह 'ड्रीम गर्ल कमिंग टू टाउन' लिखवाना शुरू कर दिया। उस समय मेरा नाम कहीं नहीं था, और मैं हैरान थी कि मेरा नाम क्यों नहीं दिख रहा।''
उन्होंने आगे कहा, ''मैंने निर्माता से इस बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा- 'यही तुम्हारी नई पहचान बनने वाली है। पहले 'ड्रीम गर्ल' का नाम मशहूर होगा, फिर बताया जाएगा कि यह कौन है।' उनकी योजना सफल रही और लोग मुझे 'ड्रीम गर्ल' के नाम से जानने लगे।''
1968 में रिलीज हुई 'सपनों का सौदागर' हेमा की पहली हिंदी फिल्म थी, जिसका निर्देशन महेश कौल ने किया था। इस फिल्म में राज कपूर जैसे दिग्गज अभिनेता भी थे। इसके संगीत को प्रसिद्ध संगीतकार जोड़ी शंकर-जयकिशन ने दिया था। इसी फिल्म से हेमा ने बॉलीवुड में कदम रखा और बाद में हिंदी सिनेमा की सबसे सफल अभिनेत्रियों में से एक बन गईं।
दिलचस्प बात यह है कि लगभग नौ साल बाद, 1977 में, हेमा ने 'ड्रीम गर्ल' नामक फिल्म में भी मुख्य भूमिका निभाई। इस फिल्म का निर्देशन प्रमोद चक्रवर्ती ने किया था, जिसमें अशोक कुमार, धर्मेंद्र और प्रेम चोपड़ा जैसे कलाकार भी थे। फिल्म की कहानी एक ऐसी युवती की थी, जो अनाथालय चलाने के लिए विभिन्न रूप धारण कर पैसे जुटाती है। हेमा ने इस फिल्म में पांच अलग-अलग किरदार निभाए, जिन्हें दर्शकों ने बेहद पसंद किया।