हुमा कुरैशी की संघर्ष भरी कहानी: कैसे बनीं बॉलीवुड की स्टार?
परिवार को मनाने में लगे कई महीने
दिल्ली की अभिनेत्री हुमा कुरैशी ने अपने करियर की शुरुआत करने के लिए अपने परिवार को मनाने में कई महीने बिताए। जब वह मुंबई पहुंचीं, तो उनके पास न तो कोई गॉडफादर था और न ही कोई फिल्मी लॉन्च। उन्होंने एक छोटे से पीजी में चार अन्य लड़कियों के साथ रहकर ऑडिशन देना शुरू किया। विज्ञापनों से अपने करियर की शुरुआत करते हुए, उन्होंने शाहरुख खान और आमिर खान जैसे बड़े सितारों के साथ काम किया। एक मोबाइल विज्ञापन के सेट पर हुई मुलाकात ने उनकी जिंदगी को बदल दिया, जिसके बाद अनुराग कश्यप ने उन्हें ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ में मौका दिया।
मुंबई में संघर्ष
जब हुमा कुरैशी मुंबई आईं, तो उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती थी फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाना। परिवार को एक्टिंग को करियर के रूप में अपनाने के लिए राजी करने में उन्हें काफी समय लगा। बिना किसी फिल्मी कनेक्शन के, उन्होंने छोटे-छोटे ऑडिशन दिए और विज्ञापनों में काम करना शुरू किया।
बड़े सितारों के साथ विज्ञापन
अपने शुरुआती करियर में, हुमा ने कई विज्ञापनों में काम किया और शाहरुख खान तथा आमिर खान जैसे बड़े नामों के साथ स्क्रीन साझा किया। एक मोबाइल विज्ञापन में आमिर खान के साथ काम करने का अनुभव उनके लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। इस विज्ञापन की शूटिंग पंचगनी में चार दिन तक चली और इसे अनुराग कश्यप ने निर्देशित किया।
अनुराग कश्यप से पहली मुलाकात
हुमा ने एक इंटरव्यू में बताया कि उस समय तक उन्होंने लगभग 10 विज्ञापन कर लिए थे और खुद को इस क्षेत्र में ‘वेटरन’ समझने लगी थीं। जब अनुराग कश्यप ने उन्हें देखा, तो उन्होंने मजाक में पूछा कि यह क्या है। हुमा ने बेझिझक कहा कि यह उनका पहला विज्ञापन है, जबकि वास्तव में वह पहले से ही कई विज्ञापनों में काम कर चुकी थीं।
फिल्म में कास्टिंग का वादा
हुमा के अनुसार, उस मुलाकात के अगले दिन अनुराग कश्यप ने उन्हें अपनी फिल्म में कास्ट करने का वादा किया। हालांकि, हुमा को इस पर विश्वास नहीं हुआ, लेकिन अनुराग ने अपना वादा निभाया और उन्हें ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ में काम करने का मौका दिया, जिसने उन्हें इंडस्ट्री में एक मजबूत पहचान दिलाई।
सफलता के बाद भी संघर्ष
‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ की सफलता के बावजूद, हुमा का संघर्ष खत्म नहीं हुआ। उन्हें बॉडी शेमिंग, रिजेक्शन, ट्रोलिंग और लिंकअप की अफवाहों का सामना करना पड़ा। फिर भी, उन्होंने विभिन्न प्रकार के किरदारों को चुनकर अपनी अलग पहचान बनाई। आज, हुमा कुरैशी की कहानी उन कलाकारों के लिए प्रेरणा है, जिन्होंने बिना किसी फिल्मी बैकग्राउंड के अपने दम पर इंडस्ट्री में जगह बनाई।