हार्डी संधू: क्रिकेट से सिंगिंग और एक्टिंग की दुनिया में कदम रखने वाले सितारे
हार्डी संधू का सफर
मुंबई, 5 सितंबर। क्रिकेट की दुनिया से निकलकर अभिनय और गायकी में कदम रखना कोई आसान काम नहीं है, लेकिन हार्डी संधू ने इस चुनौती को स्वीकार किया और अपनी अद्भुत गायकी और अभिनय के जरिए इंडस्ट्री में एक खास पहचान बनाई।
हार्डी संधू, जो पंजाबी और हिंदी संगीत तथा फिल्मों में सक्रिय हैं, का जन्म 6 सितंबर 1986 को पंजाब के पटियाला में एक सिख परिवार में हुआ। उनका असली नाम हरदविंदर सिंह संधू है। वह एक प्रसिद्ध गायक, अभिनेता और पूर्व क्रिकेटर हैं। उनके पिता का नाम जसवीर सिंह संधू और माता का नाम बलबीर कौर है, और उनके एक बड़े भाई भी हैं।
कम ही लोग जानते हैं कि हार्डी संधू एक समय में तेज गेंदबाज थे। उन्होंने अंडर-17 और अंडर-19 टीम के लिए क्रिकेट खेला और पंजाब के लिए रणजी ट्रॉफी में भी भाग लिया। हालांकि, 2007 में हाथ में गंभीर चोट लगने के कारण उन्हें क्रिकेट छोड़ना पड़ा, जिससे वह मानसिक तनाव में चले गए। लेकिन उन्होंने खुद को संभाला और एक नए क्षेत्र में कदम रखा।
संधू ने अपने गायकी करियर की शुरुआत 2012 में 'टकीला शॉट' से की, जिसे लोगों ने पसंद किया, लेकिन वह खास पहचान नहीं बना सके। फिर 2013 में उनका गाना 'सोच' और 2014 में 'जोकर' आया, जिसने उन्हें लोकप्रियता दिलाई।
इसके बाद उन्होंने कई हिट गाने गाए और अपने एल्बम में अभिनय भी किया, जिससे उनकी प्रसिद्धि में इजाफा हुआ। उनके कुछ हिट गानों में 'बैकबोन', 'क्या बात है', 'बिजली बिजली', 'हॉर्न ब्लो', 'नाह', और 'तितलियां' शामिल हैं। इसके अलावा, उन्होंने बॉलीवुड की कई प्रमुख फिल्मों में भी अपनी आवाज दी है।
अगर हम हार्डी संधू की फिल्मी करियर की बात करें, तो उन्होंने 2014 में पंजाबी फिल्म 'यारां दा कचप' से अपने अभिनय की शुरुआत की। 2021 में उन्होंने फिल्म '83' से बॉलीवुड में कदम रखा, जिसमें उन्होंने पूर्व क्रिकेटर मदन लाल का किरदार निभाया। इसके अलावा, उन्होंने 'कोड नेम: तिरंगा' और 'माही एनआरआई' जैसी हिंदी और पंजाबी फिल्मों में भी काम किया है।
उनके निजी जीवन की बात करें तो उनकी पत्नी का नाम जेनिथ सिद्धू है, जो एक मॉडल और अभिनेत्री हैं। उनके दो बच्चे भी हैं।