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हरिहरन की जादुई आवाज़: संगीत की दुनिया में 50 साल का सफर

हरिहरन, भारतीय संगीत के एक प्रतिष्ठित गायक, ने अपने 50 साल के सफर पर चर्चा की। उन्होंने नए गायकों को सलाह दी कि वे इंस्टाग्राम पर मिली सफलता को गंभीरता से न लें और अपनी मौलिक आवाज़ को पहचानें। हरिहरन ने रियाज के महत्व पर जोर दिया और अपने नए एल्बम 'जान मेरी' के बारे में बताया, जिसमें पारंपरिक रागों को आधुनिक संगीत के साथ जोड़ा गया है। इस लेख में उनके विचार और संगीत की दुनिया में बदलावों पर चर्चा की गई है।
 

हरिहरन का संगीत सफर


मुंबई, 2 मार्च। हरिहरन, जो भारतीय संगीत जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, अपनी मधुर और जादुई आवाज़ के लिए जाने जाते हैं। उनकी आवाज़ ने न केवल बॉलीवुड में, बल्कि गज़ल और सूफी संगीत में भी लोगों के दिलों को छुआ है। उन्होंने 10 से अधिक भाषाओं में गाने गाए हैं और अब उन्होंने अपने संगीत करियर के 50 साल पूरे कर लिए हैं। यह सफर केवल गाने गाने का नहीं, बल्कि भारतीय संगीत की धरोहर को संजोने और नई पीढ़ी को प्रेरित करने का भी है।


एक विशेष बातचीत में, हरिहरन ने अपने लंबे सफर, वर्तमान संगीत परिदृश्य, नए गायकों के लिए सलाह और भविष्य की परियोजनाओं पर चर्चा की।


नए गायकों को सलाह देते हुए, उन्होंने कहा, "आज के समय में इंस्टाग्राम पर मिली सफलता को गंभीरता से न लें। रातों-रात स्टार बनने का सपना सच नहीं होता। संगीत कोई शॉर्टकट नहीं है, यह एक जीवनशैली है, जिसे रोज जीना पड़ता है। अपनी मौलिक आवाज़ को पहचानना और किसी की नकल न करना सबसे महत्वपूर्ण है। अपनी पहचान बनाओ, क्योंकि वही लंबे समय तक चलती है।"


हरिहरन ने रियाज के महत्व पर भी जोर दिया, यह बताते हुए कि तकनीक कितनी भी विकसित हो जाए, रियाज की जगह कोई नहीं ले सकता। उन्होंने कहा, "मैं आज भी हर सुबह रियाज करता हूं। रियाज ही दोहराव को सहजता में बदल देता है और आपके गले की सटीकता को बनाए रखता है। मशीनें मदद कर सकती हैं, लेकिन आपकी आवाज़ की गहराई और भाव रियाज से ही आते हैं।"


क्रिएटिविटी और उद्योग में बदलावों पर बात करते हुए, उन्होंने कहा कि बाजार हर 5-10 साल में पूरी तरह बदल जाता है। उन्होंने बताया, "मैंने हमेशा कोशिश की है कि तकनीक मेरे लिए एक औजार बने, मालिक नहीं। क्रिएटिविटी तभी बचती है जब आप अपने विचारों को मशीन से ऊपर रखते हैं। अगर आपका आधार मजबूत है, तो आप हर शैली में ढल सकते हैं।"


हरिहरन ने अपने नए एल्बम 'जान मेरी' के बारे में बताया, जिसमें पारंपरिक रागों को आधुनिक संगीत के साथ जोड़ा गया है। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे क्लासिकल आधार मजबूत रखें, ताकि वे किसी भी प्रकार के संगीत में ढल सकें।


फिल्म संगीत और स्वतंत्र संगीत के बीच संतुलन पर, उन्होंने कहा कि उद्योग का साउंडस्केप समय-समय पर बदलता रहता है। उन्होंने कहा, "मैंने खुद को केवल फिल्म संगीत तक सीमित नहीं रखा। स्वतंत्र संगीत में कल्पनाएं आजाद रहती हैं। हर कलाकार का अपना सफर होता है, लेकिन मेरे लिए संगीत कभी खत्म नहीं होता।"


अरिजीत सिंह जैसे गायकों के भविष्य और प्लेबैक संगीत पर, हरिहरन ने कहा कि हर दौर में नए सितारे आते हैं और पुराने अपना रास्ता चुनते हैं। उन्होंने कहा, "मेरे लिए संगीत एक यात्रा है जो कभी रुकती नहीं। मैंने हमेशा खुद को नई चुनौतियों के लिए तैयार रखा है।"